रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) , 27 सितंबर। चैत्र परिपाटी के अंतर्गत समाजजनों ने गाजे-बाजे और उत्साह के साथ गुरु भगवंतों के सान्निध्य में नवकार नगर में प्रवेश किया।
श्री मुनि सुब्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी, नवकार नगर में आयोजित ‘अहो जिन शासनम्’ कार्यक्रम में मुंबई से पधारे विक्की लोढा जी ने खरतरगच्छ के इतिहास तथा इसके प्रमुख भामाशाहों के जीवन और योगदान का परिचय दिया। उनके प्रेरक उद्बोधन ने उपस्थित श्रद्धालुओं में धर्म और समाज के प्रति सेवा एवं समर्पण की भावना जगाई।
गुरु भगवंत मुनि श्री संवेगरत्न सागरजी म.सा. ने अपने प्रवचन में क्षेत्र परिपाटी का महत्व विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि पर्युषण महापर्व के पश्चात समाजजनों को नगर के सभी जिनालयों में पैदल जाकर प्रभु के दर्शन-वंदन करने चाहिए। इससे एक साथ अनेक जिनालयों के दर्शन का पुण्य प्राप्त होता है, मन में धर्म के प्रति श्रद्धा बढ़ती है और सामूहिक रूप से की गई यह यात्रा समाज में एकता एवं आत्मीयता को मजबूत करती है। उन्होंने सभी से इस परंपरा में उत्साहपूर्वक सहभागी बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी परिवार की ओर से ट्रस्ट अध्यक्ष विवेक डागा ने गुरु भगवंतों को अक्षत से बधाया और उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर लाभार्थी परिवार विवेक कुमार एवं यश कुमार डागा ने आकर्षक लकी ड्रॉ के माध्यम से श्रद्धालुओं को उपहार वितरित किए।


