राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 21 अक्टूबर । श्री बागेश्वर मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट एवं माँ बमलेश्वरी देवी पदयात्री संयुक्त सेवा पंडाल द्वारा आयोजित संस्कार सेवा नवरात्रि महोत्सव में समाजसेवी श्रीमती शारदा तिवारी को 5वां राजनांदगांव रत्न सम्मान श्री बागेश्वर धाम उत्सव भवन हॉल मे प्रदान किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य गीत के श्रीमती प्रज्ञा गुप्ता के गायन से आरंभ हुआ, श्रीमती शारदा तिवारी का जीवन परिचय जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री नारायण कन्नौजे द्वारा पठन किया गया
नवरात्र नवमी की तिथि को सम्मान समारोह के अतिथिगण आचार्य पंडित विनोद गोस्वामी,ब्रह्मा कुमारी पुष्पा बहनजी, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, समाजसेवी श्री किशन खंडेलवाल , जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नारायण कन्नौजे, पूर्व अध्यक्ष मनोज चौधरी,सकल जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष मनोज बैद संरक्षक डीसी जैन , समाजसेवीगण अशोक लोहिया, राकेश ठाकुर शनिधाम,दुष्यंत दास, राकेश इंदुभूषण ठाकुर, सोहनलाल गुप्ता आदि अतिथियों के द्वारा प्रतीक चिन्ह सम्मान शाल श्रीफल भेंट किया गया।

इस अवसर पर श्री बागेश्वर मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट सहित 45 धर्म सेवा,समाज एवं संस्थाए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी,कस्तूरबा महिला मंडल,श्री सत्यनारायण मंदिर समिति,जिलाअधिवक्ता संघ,बाल रत्न मंच सेवा समिति, लायंस क्लब,लिनेस क्लब, समस्त महिला समूह,शिवनाथ छेत्रीय तट समिति, आराधना महिला मंडल, चैंबर ऑफ़ कॉमर्स महिला, मां गायत्री दिया मंडल, अभिलाषा,आस्था सेवा संस्था स्वदेशी जागरण समूह,ओ कान्हा मंडल,शनि धाम परिवार, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि,एक पल एक कोशिश सेवा, सनातन धर्म सभा महिला मंडल, सुमिति मंडल,राधे-राधे मंडल,गौड़ ब्राह्मण महिला मंडल, कान्य कुब्ज महिला मंडल, राजपूत समाज, अग्रहरि समाज,कसौधन वैश्य समाज, खंडेलवाल महिला मंडल, जैन समाज, वैष्णव महिला मंडल,यादव समाज,मौर्य समाज,जैन, महिला मंडल,अग्रहरि महिला मंडल, बंगाली समाज, मराठा समाज, अग्रवाल महिला मंडल, लोहाना महिला मंडल, यादव समाज, सरयूपानी महिला मंडल, सर्व वैश्य समाज, छत्रिय राजपूत महिला मंडल,आदि धर्म सेवा, सामाजिक सेवा संस्थाओ,समाजों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्मान किया गया।
सम्मान समारोह के पूर्व भागवताचार्य पंडित विनोद बिहारी गोस्वामी जी द्वारा “नवरात्रि सेवा संस्कार” विषय पर प्रभावी एवं ओजस्वी प्रवचन भजन के साथ किया गया।उन्होंने धर्म सेवा संस्कार, आचरण, व्यवहार व माता की सेवा,अराधना,पदयात्रियों की सेवा के बारे में संदेश दिया। पं. गोस्वामी जी को प्रतीक चिन्ह, शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

