आबूरोड राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 24 अक्टूबर।
- भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया वैश्विक शिखर सम्मेलन का शुभारंभ
- नवदशकोत्सव को लेकर किया गया शिव ध्वजारोण, दीप प्रज्जवलित कर किया शुभारंभ
- प्रसिद्ध पत्रकार सुधीर चौधरी, गायिका अनुराधा पौंडवाल ने भी लिया भाग
। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में चल रहे चार दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन का शनिवार को विधिवत शुभारंभ भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर किया। सम्मेलन में 26 अक्टूबर को समापन पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भाग लेंगे।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री शेखावत ने ब्रह्माकुमारीज़ की 90 वर्ष की यात्रा से लेकर पर्यावरण, पुरातन संस्कृति, अध्यात्म, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य, टेक्नोलॉजी, इतिहास और भारतीय दर्शन पर बात की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ब्रह्माकुमारीज़ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। आज पूरा विश्व द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे ज्यादा चुनौतियों से गुजर रहा है। आज विश्व के अनेक देश अपना प्रभुत्व स्थापित करने के प्रयास में लगे हैं। पूरी दुनिया एनर्जी क्राइसिस से गुजर रही है। दुनिया में देशों का आपसी विश्वास कम हुआ है। साथ ही पर्यावरण के संकट के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में ब्रह्माकुमारीज़ जैसे संस्थाओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि हमारे आने वाला भविष्य कैसा हो? आज मनुष्य की सोच, कार्य पद्धति, व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता है। इस दिशा में ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्थाएं कार्य कर रही हैं। ब्रह्माकुमारीज़ की इस 90 साल की यात्रा में जिन लोगों ने अपने आपको समर्पित कर दिया, जीवन को खपा दिया उनके प्रति सम्मान ज्ञापित करता हूं।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि हम डिजिटली रूप से जरूर करीब आए हैं लेकिन वास्तविक जीवन में हम एकाकी होते जा रहे हैं। यहां विचारणीय प्रश्न है कि जिस गति से बाहरी परिवर्तन हो रहे हैं, क्या उस गति से आंतरिक परिवर्तन हो रहा है? हमारे परिवार, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक जीवन से जुड़े यह प्रश्न सबके लिए प्रासांगिक और महत्वपूर्ण हैं। फिर चाहे पॉलिटिकल, सोशल या स्प्रीचुअल लीडरशिप हो सभी के सामने आज यह प्रश्न हैं। सभी मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं। लोगों में धैर्य की कमी हो रही है। संवाद की कमी हो रही है। संवाद के माध्यम बढ़ गए हैं, लेकिन संवाद का स्तर बहुत उथला हो गया है।
समाज बड़े मानसिक दबाव से गुजर रहा है-
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे पास ज्ञान के विशाल स्त्रोत हो गए हैं लेकिन दूसरों के दुख-तकलीफ को समझने, उसे कम करने में निश्चित रूप से कहीं कमी आई है। हर कोई सफलता के शिखर को छूना चाहता है लेकिन समाज बड़े मानसिक दबाव से गुजर रहा है। लोगों में वैचारिक असंतुलन पैदा हुआ है। आज संवेदनशील विश्व की आवश्यकता है। आज आवश्यकता है जिम्मेदार और शांतिपूर्ण विश्व के सृजन और निर्माण की है। जहां प्रगति के साथ-साथ मानवीय गरिमा और उसके भावों का भी संतुलन और सुरक्षित रखा जा सके।
ब्रह्माकुमारीज़ को लेकर क्या बोले केंद्रीय मंत्री-
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ की 90 साल की यात्रा उस संकल्प की यात्रा है जिसने असंख्य परिवारों, लाखों परिवारों के जीवन में सद्भाव का जागरण किया। एक ऐसी संस्था जिसने विदेशों में जाकर के भारत की संस्कृति, भारत के मूल्यों को प्रसारित किया। राजयोगी भाई-बहनों ने अपना जीवन समर्पित करके कितने लोगों और परिवारों को सोचने का संस्कार दिया है। नवदशकोत्सव का अवसर हम सभी को एक नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने का अवसर है।

भारत ने हमेशा विश्व को राह दिखाई है-
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि आज मनुष्य के सामने जिस तरह से संकट है उसका समाधान किसी के पास है तो वह भारत के पास है। भारत की ज्ञान परंपरा, दर्शन, आध्यात्मिकता चेतना ने जब भी जरूरत पड़ी है तो पूरे विश्व को राह दिखाई है। आज से हजारों साल पहले जब यजुर्वेद लिखा गया था तब ऋषि-मुनियों ने कल्पना की थी कि हमारे पर्यावरण, वनस्पतियों, जीव-जंतुओं, प्राणियों में शांति हो। आज कहीं शांति का समाधान है तो शांति मंत्र में समाहित है। सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः सिर्फ एक मंत्र नहीं, हमारी संस्कृति है। भारत की सभ्यताओं को मिटाने की कई बार कोशिशें की गईं, लेकिन सभ्यता और संस्कृति आज भी सदियों से खड़ी है और सदा रहेगी। विश्व का कल्याण केवल भारत की चेतना, संस्कृति और सभ्यता के माध्यम से ही हो सकता है।

हमारे भोजन में कोई हिंसा न हो-
मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि हम जैसी जो कन्याएं घर से निकलना नहीं चाहती थी, उन्हें ब्रह्मा बाबा ने देश-विदेश भेजा। इसमें न केवल आध्यात्मिकता है, बल्कि विश्व कल्याण की भावना है। हम लोग बहुत साल से संयुक्त राष्ट्र के सदस्य हैं। विश्व बंधुत्व की भावना को लेकर ब्रह्माकुमारीज़ सेवाएं कर रही है। विश्व के लोगों में भारत के बारे में अद्भुत भावना है। यहां पवित्रता है, इसलिए सुख, शांति और स्नेह की अनुभूति होती है। हमें पांच विकारों का त्याग करना है। अगर पवित्रता नहीं है तो शांति नहीं हो सकती है। उसका कारण लोभ, मोह, क्रोध, अहंकार है। यह दृढ़ संकल्प लें कि आज से आप शाकाहारी बनें। हमारे भोजन में कोई हिंसा न हो। क्रोध मत करिए, यह हमारा बड़ा शत्रु है। अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती दीदी ने सभी को राजयोग मेडिटेशन से गहन शांति की अनुभूति कराई।
दुनिया में बदलाव के लिए पहले खुद को बदलना होगा-
सुप्रसिद्ध पत्रकार डीडी न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी को ‘राष्ट्र चेतना पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मैं यहां दस साल पहले आया था। जब इसी हॉल में सुखद अनुभव हुआ, मानसिक शांति मिली। घर जाकर लगा कि ट्रांसफॉर्मेशन लेकर आया हूं। उसके बाद जीवन में सबकुछ अच्छा हुआ। जिंदगी में मुझे भी जितने मौके मिले, उसके पीछे ब्रह्माकुमारीज़ की ताकत है। जब आपको दिन-रात युद्ध की खबर दिखानी है, तब अपने आपको पॉजिटिव रखना बड़ी चुनौती है।

सोशल मीडिया एक अंधा कुआं है, जिसमें हम डूबते जा रहे हैं। इंसान ने दुनिया को बदलने की ताकत तो हासिल कर ली है, लेकिन क्या खुद को बदलने की ताकत हमारे पास है? आध्यात्मिकता की असल परीक्षा बंद कमरे में नहीं दुनिया में होती है। बल्कि जो लोग हमारे विचारों से मेल नहीं खाते हैं उनके साथ हमारा व्यवहार कैसा है, यही असली परीक्षा है। इंटेलीजेंस तो बढ़ रही है, लेकिन विजडम घट रही है। दुनिया का नवीनीकरण करने के लिए मानवीय मूल्य और नई चेतना की जरूरत है। दुनिया में बदलाव के लिए प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन लोगों को समझना होगा कि सबसे पहले खुद में बदलाव लाना होगा।
इन्होंने भी किया संबोधित-
- अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बीके मृत्युंजय ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ के इतिहास का आज स्वर्णिम दिन है। 90 वर्षों की यात्रा में 140 देशों में पहुंचकर हम शिक्षा दे रहे हैं। ब्रह्माकुमारीज़ ने एक आंदोलन का रूप धारण कर लिया है।
- नोएडा फिल्म सिटी, मारवाह स्टूडियो एवं एएएफटी के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह ने कहा कि दुनिया की सबसे खूबसूरत है भावनाएं और विचार ब्रह्माकुमारीज़ में मिलते हैं। मनोरंजन जगत में हमने समाज को कभी भी जाति, समाज, वेश भूषा, गोरा-काला में नहीं बांटा है। जब हमने शांति पर बनी फिल्मों के फेस्टिवल का आयोजन किया तो चार फिल्में हमें ब्रह्माकुमारीज़ ने भेजी। मुझे विभिन्न मंचों से दो हजार अवॉर्ड्स मिले, मैं उसका श्रेय ब्रह्माकुमारीज़ को देता हूं।
- जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सीईओ रक्तिम दास ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ की 90 वर्षों की यात्रा अविस्मरणीय है। आज के समय पर मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। हमें आशावाद को बढ़ाना होगा। हमें ऐसी खबरें करनी होंगी, जो लोगों में आशा का संचार करें। इस ग्लोबल समिट की थीम इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है। हमें तकनीक का गुलाम नहीं बनना है, बल्कि उसका मालिक बनना है।
- वरिष्ठ पत्रकार अमन चोपड़ा को गौरव सम्मान से नवाजा गया। उन्होंने कहा कि मैंने ब्रह्माकुमारीज़ में आने में बहुत देर कर दी। जीवन को चार्ज करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्था है। – प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पद्मश्री अनुराधा पौंडवाल ने कहा कि मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे यहां आने का अवसर मिला है। शिवानी दीदी तो विश्व में प्रख्यात हैं। मैं ब्रह्माकुमारी बहनों से मिलती रही हूं।
- अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी, नई दिल्ली के टाइम्स फाउंडेशन के मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के नेशनल हेड राजीव डोभाल, सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई करने वाली पहली भारतीय महिला डॉ. मानस्वी अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम समन्वयक बीके शिविका बहन ने संचालन किया।
झलकियां-
- महाराष्ट्र के आकार फाउंडेशन की महिला गायकों एवं मधुबन के मधुर वाणी ग्रुप के कलाकारों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
- सुप्रसिद्ध टीवी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का प्रेरक वक्ता बीके शिवानी दीदी ने परमात्मा का स्मृति चिंहृ भेंटकर सम्मान किया।
- सभी अतिथियों का पगड़ी, माला, शॉल और मोमेंटो प्रदान कर सम्मान किया गया।
- केक काटकर 90 साल की यात्रा की सेरेमनी मनाई गई।
- पुणे की युगंधर वाद्यपथक ढोल-ताशा पार्टी ने अपनी जोरदार प्रस्तुति दी।
- महाराष्ट्र के आकार फाउंडेशन की 108 महिला गायकों द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गई।
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फोटो—-
फोटो- 24 एबीआर 01- केंद्रीय मंत्री शेखावत, मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया।
फोटो- 24 एबीआर 02- केक काटकर संस्थान का नवदशकोत्सव मनाया गया।
फोटो- 24 एबीआर 03,04,05- संबोधित करते केंद्रीय मंत्री शेखावत।
फोटो- 24 एबीआर 06- सुप्रसिद्ध टीवी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का प्रेरक वक्ता बीके शिवानी दीदी ने परमात्मा का स्मृति चिंहृ भेंटकर सम्मान किया।
फोटो- 24 एबीआर 07,08- पुणे की युगंधर वाद्यपथक ढोल-ताशा पार्टी ने अपनी जोरदार प्रस्तुति दी।
फोटो- 24 एबीआर 09- महाराष्ट्र के आकार फाउंडेशन की 108 महिला गायकों द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गई।
फोटो- 24 एबीआर 10- संस्थान की ओर से राजयोगिनी मोहिनी दीदी ने केंद्रीय मंत्री शेखावत की स्मृति चिंहृ भेंटकर सम्मान किया।

