‎सच्चा मित्र बुरे समय में भी‎ साथ देता है-समयप्रभ जी

‎सच्चा मित्र बुरे समय में भी‎ साथ देता है-समयप्रभ जी


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‎राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 24 अक्टूबर । ” सच्चा मित्र कभी साथ नहीं छोड़ता, दुख हो या सुख हो या कैसी भी स्थिति हो सच्चा मित्र सदैव साथ में रहता है। जबकि कुमित्र आपकी खुशी बर्दाश्त नहीं कर सकता।” उक्त उदगार खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर जी के सुशिष्य समयप्रभ सागर जी  ने  व्यक्त किए।
‎              मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने बताया कि ज्ञान वल्लभ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में आज मुनि श्री समयप्रभ सागर जी ने फरमाया कि धन कहता है कि जो अपनों का साथ नहीं देता मैं भी उसका साथ कैसे दे सकता हूं। धन का उपयोग घर और धर्म के लिए करें। कामना करें कि धर्म के क्षेत्र में सदैव वृद्धि होती जाए। धार्मिक सेवा में लगने से पुण्य में वृद्धि होती है। परमात्मा की कृपा होती है।
‎ मुनिश्री ने कहा कि व्यापार करना है तो नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करने वाला व्यक्ति कभी नहीं डरता और खुलकर व्यापार करता है जबकि कर चोरी करने वाले डरे रहते हैं। उन्होंने कहा कि खुलकर व्यापार करना चाहिए।
‎ उन्होंने कहा कि संत अपनी प्रवृत्ति नहीं छोड़ सकता उसी तरीके से दुर्जन भी अपनी प्रवृत्ति नहीं छोड़ सकता। सुमित्र और कुमित्र की भी यही स्थिति होती है। सुमित्र जिस तरह हर पल – हर परिस्थिति में तुम्हारे साथ रहना चाहता है, उसी तरह कुमित्र हर पल आपकी खुशियों को देखकर कुढ़ता रहता है, किसी भी परिस्थिति में वह तुम्हारा भला नहीं चाह सकता। सुमित्र हमेशा तुम्हें सही मार्गदर्शन देगा। इसलिए जानकर ही मित्र बनाएं।

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