‎अपने को तपाकर ऐसा हीरा बना दो कि आप लोगों के आदर्श बन जाओ-समयप्रभ जी‎

‎अपने को तपाकर ऐसा हीरा बना दो कि आप लोगों के आदर्श बन जाओ-समयप्रभ जी‎


‎
‎राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 27 अक्टूबर । ” सफलता चाहते हो तो किसी भी एक आदर्श पुरुष के चरित्र को अपना आदर्श बनाओ और उसका अनुसरण करो। एक मोती की कीमत यदि आप जान गए तो सारे मोतियों की कीमत आपको समझ में आ जाएगी।” उक्त उदगार खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर जी के सुशिष्य समयप्रभ सागर जी  ने  व्यक्त किए।


‎              मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने बताया कि ज्ञान वल्लभ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में आज मुनि श्री समयप्रभ सागर जी ने फरमाया कि आप अपने आपको इतना तपाओ कि आप हीरा बन जाओ और ऐसा हीरा बनो कि लोग आपको अपना आदर्श समझें। ऐसी प्रतिभा वनो कि आपको सभी तत्वों का बोध हो।


‎ मुनिश्री ने कहा कि दूसरों का सुझाव कितना भी सुन लो जब तक स्वयं का सुझाव नहीं मानोगे तब तक आप में सुधार नहीं आएगा। एकाग्रता आपकी साधना को आगे बढ़ती है। बिना मजदूरी के जो काम किया जाता है उसे बेगारी कहते हैं। हमने अपने शरीर के लिए और आत्मा के लिए क्या मजदूरी ली है, आपने कभी सोचा! साधना को एकाग्रता साथ करो और इस शरीर व आत्मा के लिए मजदूरी प्राप्त करो। आप बाहर से आओ और किसी से उसका वर्णन ना करो तो कैसा लगेगा, इसे ही विचारों की अभिव्यक्ति कहते हैं। साधक बनना है तो अभिव्यक्ति को दबाना सीखो।

Chhattisgarh