साध्वी श्री लक्ष्ययशा श्री जी ने कहा कि शरीर, मन और आत्मा तीनों का संतुलन और सामंजस्य ही आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है… मन की चंचलता संसार भ्रमणा का कारक बनता है-साध्वी श्री लब्धियशा श्री
नगपुरा(अमर छत्तीसगढ़) 4 अगस्त। श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा में श्री आचारांग सूत्र प्रवचन माला में साध्वी श्री लब्धियशा श्री…








