संत कौशल मुनि का बाबरा में हुआ ससंघ भव्य मंगल प्रवेश, ब्यावर सहित गांवों के सैकडों श्रद्धालु उमड़े

संत कौशल मुनि का बाबरा में हुआ ससंघ भव्य मंगल प्रवेश, ब्यावर सहित गांवों के सैकडों श्रद्धालु उमड़े

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 5 जुलाई।
ब्यावर के निकटवर्ती गांव बाबरा में जैनाचार्य प्रवर विजयराज महाराज के शिष्य संत प्रवर कौशल मुनि ने चातुर्मास हेतु ससंघ भव्य मंगल प्रवेश किया।

इस मौके पर ब्यावर सहित विभिन्न क्षेत्रों एवम आस पास के गांवों के सैकडों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
समूचा गांव संत प्रवर के दर्शनों के लिए आतुर
शनिवार सवेरे 8.15 बजे ज्यों ही संत प्रवर कौशल मुनि ने अपने साथी संत विदित मुनि व वैराग्य प्रिय मुनि के साथ रामगढ़ गांव से मंगल यात्रा आरंभ की पूरा क्षेत्र श्रमण भगवान महावीर,आचार्य नानेश एवम आचार्य विजय गुरु की जय जयकारों से गुंजायमान हो गया।


युवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाश जैन ने एक जानकारी में बताया 27 वर्ष पूर्व बाबरा की पुण्य धरा पर संत कौशल मुनि संघ के वरिष्ठ संत पंडित रत्न प्रेम मुनि महाराज के हाथों संयम मार्ग पर आरूढ़ हुए थे।

बाबरा के ही लाल को आज संत के रूप में पाकर बाबरा एवम आस पास के लोग धन्य हो गए। संत प्रवर की एक झलक पाने एवम उनके दर्शनों हेतु ग्रामीण आतुर दिखे। अनेक ग्रामीणों के आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए। ग्रामीणों ने पूरी भक्ति एवम श्रद्धा से संत प्रवर को नमन कर आशीर्वाद लिया।


पूरे गांव में हुआ धर्म एवम आध्यात्मिकता का माहौल
संत मंडल ने चरण ज्यों ही चरण बाबरा की धरा पर पड़े पूरे गांव वाले खूब अभिभूत एवम प्रफुल्लित दिखाई दिए। संत मंडल की प्रवेश यात्रा में ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

वे भगवान महावीर एवं श्री विजय गुरू के उद्घोषों को गुंजाते हुए चल रहे थे। तो श्रद्धालु श्रावक सफेद परिधान में श्राविकाएं चुंदड़ी एवम केसरिया साड़ी में मुंह पर मुख वस्त्रिका लगाए हुए प्रभु एवम गुरु गीतो को गूंजाते चल रहे थे। इससे पूरे गांव का वातावरण धर्म एवम आध्यात्मिक से सराबोर हो गया।
खेतपालिया प्रवचन हाल के बाहर हुई संतो की अगुवाई एवम स्वागत
संत प्रवर ज्यों ही जैन स्थानक बाबरा पहुंचे तो खेतपालिया प्रवचन हाल के बाहर संघ अध्यक्ष जाने माने भामाशाह पारसमल खेतपालिया, अजीत खींचा एवम राष्ट्रीय संघ प्रमुख हुक्मीचंद सिंघी नेतृत्व में भारी तादाद में उपस्थित श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने संत मंडल की अगुवाई कर विधिवत वंदन नमन कर अभिनंदन किया।


कौशल मुनि बोले…जीवन धारा को बदलें
मंगल प्रवेश के बाद आयोजित धर्म सभा में संत प्रवर कौशल मुनि ने कहा मानव अपनी जीवन धारा को बदले। चातुर्मास के दौरान यदि जीवन में परिवर्तन आ गया तो संतो का आना सार्थक हो जाएगा।


संत प्रवर ने अपने जीवन निर्माण में मां के उपकार को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में मां का बहुत बड़ा उपकार है उन्होंने मुझे अच्छे सुसंस्कार देकर धर्म मार्ग से जोड़ा व संत बनाने में मां की अहम भूमिका रही। संत ने कहा कि यह जैनों का चातुर्मास न होकर जन जन का चातुर्मास है। सत्संग धर्म चर्चा का पूरा लाभ उठाए। जीवन को व्यसन मुक्त बनाते हुए मानव जीवन को सार्थक करे।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि बाबरा एवम आस पास के गांव वालो के उल्लास,उत्साह,श्रद्धा भक्ति देखकर में बहुत अभिभूत हूं। इस मौके पर संत विदित मुनि ने कहा कि संत जगाने आए है अब पूरी तन्मयता से धर्म ध्यान में जुट जाए। संत वैराग्य प्रिय मुनि ने कहा कि जीवन में विनय बहुत जरूरी है विनय भावों से मानव महान बनता है।

धर्म सभा को संघ अध्यक्ष पारसमल खेतपालिया, ब्यावर संघ अध्यक्ष संपत राज ढेडिया,पदम कटारिया, केवल चंद खींचा,अजीत खींचा,महिला मंडल ने अपने विचार व्यक्त किए संचालन सचिन गादिया ने किया।
दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालु
संत मंडल के मंगल प्रवेश एवम पावन दर्शनों हेतु ब्यावर, विजयनगर, रास, पुराना ब्यावर, खरवा, सारोठ, चेन्नई, हैदराबाद, जयपुर सहित आस पास के गांवों के भारी तादाद में श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने मंगल प्रवेश यात्रा में शिरकत की एवम जिन वाणी में गहरी डुबकियां लगाई। संघ ने बच्चों को स्मृति चिन्ह के तौर पर प्रभावना एवं फ्रूट देकर उनका उत्साह बढ़ाया।

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