नगरी(अमर छत्तीसगढ़) 6 जुलाई । नगरी में चातुर्मास हेतु पधारी जैन साध्वी श्री वैभव श्री जी म सा ने आज ओसवाल भवन में प्रवचन की शुरुवात करते हुये संकल्प पर कहा कि किसी कील को दीवार पर तकिये से बार बार प्रहार करें तो कुछ नही होगा किंतु अपनी इच्छा शक्ति को मजबूत कर संकल्प रूपी मजबूत रहकर हथोड़ी से एक बार प्रहार करने से कील दीवाल में ठुक जाएगी।
आज प्रवचन में श्री काव्या जी म सा ने शुरुवात करते हुए थोड़ा धन देखकर हम भगवान को भूल जाते हैं । भगवान मिले तो धन भी मिल जाएगा नही सोचते।
आज साध्वी श्री वैभव श्री ने बताया कि हमारी सोच यह है कि स्वार्थ पूरी हो तो अच्छा और न हो तो बुरा।
आज यदि कोई कार्य अच्छा हो तो स्वयं श्रेय लेते है और बुरा होतो भगवान तूने ऐसा कर दिया बोलते है, कॅरोना काल में कोई गुजर गया तो भगवान तूने ऐसा कर दिया कर दिया। आज हम गलतियां ढूढते है।अच्छाई नही देखते। हम खाली दिनभर उधेड़बुन में ही लगें रह्ते है।
आज के प्रवचन में कहानी के माध्यम से बताया गया कि कैसे हम अच्छाई व बुराई का निर्णय लेते है।
आज प्रवचन में भारी संख्या में भाई बहन उपस्थित थे। कल खुश रहने के उपाय विषय पर प्रवचन होंगें।

