गरियाबंद(अमर छत्तीसगढ) 16 जुलाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से दोस्तों के साथ गजपल्ला वाटरफॉल में एक युवती डूब गई। इस हादसे के 24 घंटे बाद भी शव को नहीं निकाला जा सका है। युवती का शव 20 फीट गहराई में पत्थरों के सुरंग के बीच फंसा हुआ है।
वन विभाग, नगर सेना, पुलिस और स्थानीय गोताखोर के 60 से ज्यादा जवान रेस्क्यू में जुटे हैं। वहीं इस हादसे के बाद चिंगरापगार, गजपल्ला वाटरफॉल में पर्यटकों के आने पर प्रशासन ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
सोमवार को लगभग 4 बजे गजपल्ला वाटर फॉल के गहराई में रायपुर की 19 वर्षीय मेहवीस खान गिरी थी। एसडीआरएफ की टीम ने उनके शव का पता लगा लिया है। वाटर प्रूफ कैमरे लेकर गहरे पानी के नीचे तलाश की गई। 19वें घंटे बाद गहराई में मौजूद चट्टान में बने सुरंग नुमा स्थल पर मृतका के फंसी होने की संभावना जताई गई है, लेकिन कैमरा 10 फीट के बाद काम नहीं कर रहा।

एसडीआरएफ के लांस नायक उमेश सिन्हा ने बताया कि ज्यादा गहराई में कैमरे की विज्वल्टी का अनुमान नहीं लगाया जा पा रहा. 20 फीट नीचे पत्थरों में सुरंग है। संभावना है कि वही युवती का शव फंसा होगा। रेस्क्यू में रायपुर के एसडीआरएफ की टीम समेत गरियाबंद प्रशासन के 60 से ज्यादा जवान जुटे हुए हैं।
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने चिंगरापगार, गजपल्ला वाटरफॉल पर पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने प्रतिबंध का बोर्ड लगाकर आवाजाही रोक दिया है. प्रवेश स्थानों पर वन विभाग ने जवान तैनात कर दिया है.

