फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले में बढ़ी सख्ती, विकास लाटा की दिव्यांगता की होगी जांच

फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले में बढ़ी सख्ती, विकास लाटा की दिव्यांगता की होगी जांच


राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 29 जुलाई। फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे आरक्षित पद पर नौकरी पाने वालों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में विकास लाटा की दिव्यांगता को लेकर उठे सवालों के बाद अब उनकी जांच राज्य मेडिकल बोर्ड से कराए जाने की तैयारी की जा रही है।

इस संबंध में छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने मंगलवार को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसे तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल को सौंपा गया।


छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि विकास लाटा नामक शिक्षक के पास दो अलग-अलग दिव्यांगता प्रमाण पत्र हैं, जबकि वह वास्तविक रूप से दिव्यांग नहीं हैं। इस मुद्दे पर पिछले एक साल से लगातार शिकायतें की जा रही हैं, बावजूद इसके अब तक उनकी दिव्यांगता की जांच नहीं कराई गई। इससे दिव्यांग समाज में आक्रोश व्याप्त है।

20 अगस्त तक जांच कराने का आश्वासनदिव्यांग संघ की मांग के बाद डीईओ प्रवास सिंह बघेल ने आश्वासन दिया है कि विकास लाटा की दिव्यांगता की जांच 20 अगस्त तक राज्य मेडिकल बोर्ड से कराई जाएगी। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो दिव्यांग संघ ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

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