बिलासपुर (अमर छत्तीसगढ़) 6 अगस्त। महाराष्ट्र के कोल्हापुर के नंदिनी जैन मठ में एक 40 साल की हथिनी “महादेवी” रहती थी……जानवर थी पर संस्कारों में उच्च थी, शांत, विनम्र,संयमी……. रोज सर झुका कर भगवान का दर्शन करती थी उसके इसी गुणों के कारण वह “महादेवी” नाम की हथिनी सिर्फ जैन मठ में ही नहीं आस पास के 700 गांवों में प्रसिद्ध थी और उसका इतना सम्मान और आदर था कि जब वह भ्रमण पर निकलती तो लोग फिर चाहे वह जैन हो या अजैन उसे प्यार और श्रद्धा से फल और सब्जी भेंट कर उससे आशीर्वाद लेते थे।
जैन समाज ने PETA इंडिया के बयान के विरोध में प्रदर्शन किया है। बिलासपुर छत्तीसगढ़ की पेटा इंडिया की एसोसिएट रही एक जैन समाज की आंचल जैन बिलासपुर छत्तीसगढ़ ने PETA इंडिया को अपना इस्तीफा देकर इसका विरोध प्रदर्शन किया। जैन समाज जीव दया को सर्वोपरि रखता है और PETA के बयान से स्तब्ध है। पूरे देश में जैन समुदाय के लोग अपने-अपने स्तर पर शांति के साथ माधुरी को वापस लाने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

विरोध प्रदर्शन के कारण
- जैन समाज जीव दया को सर्वोपरि रखता है और PETA के बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
- जैन समुदाय के लोग इसे अपने धर्म और मूल्यों के खिलाफ मानते हैं।
- आज पूरी दुनिया में जैन समाज 14 से 15 हज़ार गौशाला चला रहा है ।
विरोध प्रदर्शन के तरीके
- जैन समुदाय के लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
- वे PETA इंडिया के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
जैन अजैन समुदाय की एकता
- जैन समुदाय के साथ अजैन लोग एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
- वे अपने धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए एक साथ खड़े हैं।


