रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 11 अगस्त। आत्मोत्थान चातुर्मास 2025 के अंतर्गत सोमवार को दादाबाड़ी में आयोजित प्रवचन में परम पूज्य हंसकीर्ति श्रीजी म.सा. ने कहा कि एक बार की बात है, अमेरिका में एक प्रसिद्ध डॉक्टर रहते थे।

उनका जीवन लोगों की बीमारियाँ दूर करने में बीतता था। एक दिन उन्होंने सोचा, “आखिर दुनिया में सबसे स्वस्थ लोग कौन होते होंगे?” इस सवाल का जवाब खोजने के लिए उन्होंने वर्षों तक शोध किया।

शोध के दौरान उन्हें एक चौंकाने वाली सच्चाई पता चली — भारत में रहने वाले साधु-संत सबसे स्वस्थ और दीर्घायु होते हैं। इसका कारण था उनका संयमित जीवन, साधना, और तप-उपवास की आदत।

डॉक्टर इस खोज से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने मरीजों को भी तप और उपवास करने की सलाह देना शुरू कर दी। कुछ मरीजों ने फायदा भी महसूस किया, लेकिन अमेरिका के कठोर नियमों के चलते यह मामला अदालत तक पहुँच गया। एक दिन डॉक्टर को इसी वजह से जेल भेज दिया गया।

जेल में भी उन्होंने हार नहीं मानी। वे मुस्कुराकर कहते, “अगर सच लोगों की सेहत के लिए है, तो यह मेरा कर्तव्य है कि मैं इसे बताऊँ, चाहे सजा ही क्यों न मिले।”

अब सोचिए, अमेरिका में जहाँ तप और उपवास की सलाह देने पर जेल हो सकती है, वहीं वह डॉक्टर अपनी बात पर अडिग रहे। लेकिन हमारे यहाँ, जहाँ यह परंपरा सदियों से है, हम साल भर इस पर बातें तो करते हैं, पर अमल करने वाला बहुत कम मिलता है। हम अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण खोकर सुख-सुविधाओं के पीछे भागते रहते हैं, और स्वास्थ्य धीरे-धीरे हमारे हाथ से फिसलता जाता है।

ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार भंसाली तथा आत्मोत्थान चातुर्मास समिति 2025 के अध्यक्ष अमित मुणोत ने जानकारी दी कि दादाबाड़ी में प्रतिदिन सुबह 8:45 से 9:45 बजे तक साध्वीजी के प्रवचन का आयोजन भी हो रहा है। समस्त श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर जिनवाणी का लाभ लें।

27 दिवसीय दादागुरुदेव इकतीसा का बड़ी पूजा के साथ हुआ समापन
दादाबाड़ी में 27 दिवसीय दादागुरुदेव इकतीसा का आयोजन 14 जुलाई से किया जा रहा है जिसका आज मंगलमय समापन हुआ। दादा गुरुदेव के बड़ी पूजा के साथ रात्रि में अंकित जी लोढ़ा की प्रभु भक्ति के द्वारा इकतीसा का कार्यक्रम संपन्न हुआ। दादा गुरुदेव की बड़ी पूजा के विधिकारक पंकज जी चोपड़ा, खाचरोद रहे और लाभार्थी सुमित परिवार रहे।

तप-जप और आराधना का क्रम शुरू
दादाबाड़ी में अक्षयनिधि, समवसरण व कषाय विजय तप का एकासना आयोजित किया गया है। समिति के पारस जी पारख ने बताया कि जिन्हें भी इसमें भाग लेना हो वह कार्यालय में अपना नाम दर्ज कर ले ताकि उनकी व्यवस्था सुचारू रूप से हो सके।


