आरंग(अमर छत्तीसगढ) 17 अगस्त। छत्तीसगढ़ के अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पचांयत भिलाई स्थित मोदी बायोटेक प्लांट में छापेमारी के दौरान मिले 550 बोरी अवैध उर्वरक की नीलामी को लेकर विधायक इंद्रकुमार साहू ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि, जब किसान एक-एक बोरी यूरिया के लिए तरस रहा है, दूसरी ओर मोदी बायोटेक प्लांट में 550 बोरी यूरिया मिल रहा है।
सब्सिडी वाले यूरिया जो किसानों को मिलना चाहिए वह कंपनियों में खपाया जा रहा है। पकड़ी गई यूरिया वहां कैसे पहुंची और यह कौन सी कंपनी को उपलब्ध कराई जा रही है, इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि, मोदी बायोटेक प्लांट में मिले 550 बोरी अवैध उर्वरक को राजसात करने मात्र से कार्रवाई पूर्ण नहीं हो जाती है।
अभनपुर विधायक ने सवाल किया कि 550 बोरी यूरिया मिलने के बाद मोदी बायोटेक कंपनी के खिलाफ अबतक एफआईआर क्यों नहीं की दर्ज कराई गई।
इस मामले को दबाने के प्रयास में लगे अधिकारी-कर्मचारी पर भी शासन स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए।
आपको बता दें कि ग्राम पंचायत भिलाई स्थित मोदी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड में दो महीने पहले कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारकर 550 बोरी अवैध उर्वरक को जब्त किया था।
रायपुर कलेक्टर ने जब्त यूरिया को राजसात करने का आदेश दिया था। 11 अगस्त को नीलामी के लिए कृषि विभाग टीम पहुंची और प्रक्रिया शुरू की, लेकिन न ग्रामीणों और न क्षेत्र के विधायकों को सूचना तक नहीं दी गई।
इसके फलस्वरूप कई किसान नीलामी से वंचित रह गए. ग्रामीणों ने कृषि विभाग और मोदी बायोटेक कंपनी के बीच साठगांठ होने का आरोप लगाया। वहीं ग्रामीणों ने मोदी बायोटेक प्लांट में उर्वरक से जहरीला पेयपदार्थ (शराब) बनाए जाने का आरोप भी लगाया था।

