बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ) 25 अगस्त। छत्तीसगढ़ में चाकू की आसान उपलब्धता और बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। सोमवार को शासन ने शपथ पत्र में डाटा पेश कर जवाब देते हुए कहा कि, हम आर्म्स एक्ट पर कर कार्रवाई रहे हैं। जो ऑनलाइन मंगाते हैं हम उस पर भी कार्रवाई कर रहे हैं।
वर्ष 2021 से लेकर अब तक के चाकूबाजी मामले में कार्रवाई की गई और चाकुओं को जब्त किया गया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई अक्टूबर को होगी। HC ने स्वतः संज्ञान में लेकर जनहित याचिका में शासन से जवाब तलब किया था।
उल्लेखनीय है कि, शहर में दुकानों पर चाकुओं की बिक्री को संज्ञान में लेकर गुरुवार को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। डिवीजन बेंच प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव व डीजीपी सहित आईजी बिलासपुर, कलेक्टर और एसपी बिलासपुर को पक्षकार बनाया है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव को भी शामिल करते हुए कोर्ट ने उनसे व्यक्तिगत रूप से शपथ पत्र पर जवाब मांगा है।
इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। बिलासपुर में चाकूबाजी की घटनाओं के बाद दुकानों में चाकुओं की आम बिक्री को लेकर प्रकाशित समाचार पर संज्ञान लेते हुए आज हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज कर सुनवाई की।

