विधायक के भाई की गुंडागर्दी : गाड़ी का नाम ट्रांसफर करने के नाम पर मांगे पैसे, नहीं देने पर दी जान से मारने की धमकी

विधायक के भाई की गुंडागर्दी : गाड़ी का नाम ट्रांसफर करने के नाम पर मांगे पैसे, नहीं देने पर दी जान से मारने की धमकी

खैरागढ़ (अमर छत्तीसगढ) 8 सितंबर। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में कांग्रेस विधायक यशोदा वर्मा के भाई समय लाल वर्मा पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक स्थानीय निवासी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि विधायक के भाई ने सत्ता के दम पर गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और 10 हजार रुपये की उगाही की मांग की। पीड़ित परिवार दहशत में है और न्याय की गुहार लगा रहा है।

विधायक के भाई समय लाल वर्मा के खिलाफ यास्मीन खान ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले उसने समय लाल वर्मा को अपनी गाड़ी बेची थी, लेकिन आज तक गाड़ी का नाम ट्रांसफर नहीं किया गया।

जब पीड़ित ने इस मुद्दे पर बात की, तो आरोपी ने न केवल नाम ट्रांसफर से इनकार कर दिया, बल्कि कहा कि, जो करना है कर लो, पहले 10 हजार रुपये दो, तभी नाम ट्रांसफर करूंगा। मामला यहीं नहीं रुका।

पीड़ित के अनुसार, समय लाल वर्मा ने सत्ता के नशे में चूर होकर अश्लील गालियां दीं, उसे गोदाम में बंद करने की धमकी दी, नंगा करने की बात कही और जान से मारने की खुली धमकी दी। आरोपी ने यहां तक कह दिया कि ‘जो भी पुलिस वाला इसमें आएगा, उसे भी नहीं छोड़ूंगा। इस घटना से पीड़ित और उसका परिवार बुरी तरह डरा हुआ है।

उन्होंने बताया कि विधायक के परिवार की राजनीतिक पहुंच के कारण वे डर रहे हैं कि कहीं न्याय न मिले। पीड़ित ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे उच्च अधिकारियों या कोर्ट का रुख करेंगे। यह मामला अब राजनीतिक रंग ले रहा है।

खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा, जो 2022 के उपचुनाव में कांग्रेस से जीती थीं और वर्तमान में सक्रिय हैं, उनके परिवार का नाम इसमें जुड़ने से विपक्षी पार्टियां हमलावर हो सकती हैं। स्थानीय भाजपा नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सत्ता का दुरुपयोग नहीं सहा जाएगा और जांच की मांग की है।

वहीं, कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इसे व्यक्तिगत विवाद बता रही है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी की राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण जांच प्रभावित हो सकती है।

यह घटना छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई सरगर्मियां पैदा कर सकती है, खासकर जब विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। क्या यह मामला विधायक की छवि को प्रभावित करेगा? या फिर यह सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद साबित होगा? आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल, पीड़ित न्याय की उम्मीद में इंतजार कर रहा है।

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