रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 22 सितंबर। बहुचर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले मामले में पूर्व मुख्य सचिव और रिटायर्ड IAS अधिकारी आलोक शुक्ला आज तीसरी बार ED की विशेष कोर्ट में सरेंडर के लिए पहुंचे। जहां सरेंडर आवेदन स्वीकार होने के बाद ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा की भी जल्द गिरफ्तारी होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को ED रिमांड पर सौंपेगी। ED ने कोर्ट में 28 दिन का रिमांड आवेदन भी दायर किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक इस मामले में पूरी कार्रवाई विधिवत तरीके से होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की जमानत याचिका
बहुचर्चित नान घोटाला केस में डॉ. शुक्ला और अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, दोनों अधिकारियों को पहले दो हफ्ते ईडी की कस्टडी में रहना होगा।
उसके बाद दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहना होगा। इसके बाद ही उन्हें जमानत मिल सकेगी। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपियों ने 2015 में दर्ज नान घोटाला मामले और ईडी की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।
18 सितंबर को ईडी की टीम ने मारा था छापा
सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका के खारिज होने के दूसरे ही दिन यानी 18 सितंबर को ईडी की टीम ने डॉ. आलोक शुक्ला के भिलाई के तालपुरी स्थित घर में दबिश दी थी। उस दौरान डॉ. आलोक शुक्ला ED की स्पेशल कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अपलोड नहीं होने का हवाला देते हुए सरेंडर करने से रोक दिया था। इसके अगले दिन यानी 19 सितंबर को उनके सरेंडर आवेदन पर आज यानी 22 सितंबर तक के लिए सुनवाई टाल दी गई थी।

