राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 5 अक्टूबर। नगर के महेंद्र दवे का आकस्मिक निधन 4 अक्टूबर को हो गया। दवे परिवार ने परोपकार की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए, उनकी दोनों आँखें दान कर दी। उनके इस महादान से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को दुनिया देखने का अवसर मिलेगा।
दवे परिवार की इस अनुकरणीय पहल की भावना को आगे बढ़ाते हुए किशोर बैद (वर्धमान नगर,) ने तत्काल उदयाचल संस्था के अशोक मोदी से नेत्रदान के लिये संपर्क किया और सूचना मिलते ही उदयाचल की पूरी टीम, जिसमें डॉ. नेहा सिंह और राजनारायण द्विवेदी शामिल थे, ने त्वरित कार्रवाई की और मौके पर पहुंचकर उनके नेत्र दान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
स्व. महेंद्र दवे की इन दो नेत्रों के दान से दो लोगों को रोशनी मिलेगी और वे दुनिया देख सकेंगे। दवे परिवार की यह पहल न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि समाज के लिए एक महान उदाहरण भी है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें ढेरों साधुवाद।
इस अवसर पर उदयाचल संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र बाफना ने नागरिकों से अपील की कि वे नेत्रदान के प्रति अपनी रुचि बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों को दुनिया देखने का अवसर मिलता है, इसलिए हम सभी को इस महादान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।

