राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 2 जनवरी। नई तकनीक के आने के साथ गम्भीर और लाइलाज बीमारियों का उपचार अब पहले से काफी आसान हो गया है।उपचार के दौरान तब बड़ी परेशानी सामने आती जब पेशेंट की जरूरत के मुताबिक ग्रुप और पर्याप्त मात्रा में ब्लड उपलब्ध नहीं हो पाता।
ब्लड की जरूरत पूरी करने के लिए सरकारी और निजी तौर पर लगातार प्रयास किए जा रहे है किंतु लोग अब भी ब्लड डोनेट करने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाते है। वहीं जिले में एक ऐसा भी रक्तदाता है जो अब तक 39 हजार मिली लीटर रक्तदान कर चुका है। रक्तदान का यह रिकॉर्ड डोंगरगांव ब्लाक के अधीन आने वाले ग्राम अर्जुनी के रक्त वीर फ़नेंद्र जैन ने बनाया है।
अर्जुनी के रक्त वीर फ़नेंद्र जैन बताते हैं कि बचपन से ही समाज सेवा करने में रुचि रही है। गांव में जब भी कोई बीमार होता था तो हर संभव मदद करने का प्रयास करते थे। वहीं सालों पहले उनके परिवार में घटी घटना ने न सिर्फ उन्हें हिला दिया बल्कि कुछ अलग करने की दिशा दी। हुआ यह था कि उनके पिता हुकुमचंद वैद एक ट्रेन हादसे के शिकार हो गए थे। इस घटना में उनके पिता ने एक हाथ गंवा दिया था। घटना के बाद इलाज के लिए खून के लिए उन्हें काफी हलकन होना पड़ा था।
इसी दौरान अस्पताल में उन्होंने अन्य मरीजों को खून के लिए परेशान और दम तोड़ते बेहद करीब से देखा था। अंदर तक झकझोर देने वाली घटना से इस बात का भान हुआ कि रक्तदान करना कितना जरूरी है और उन्होंने रक्तदान अभियान चलाने का निश्चय किया। अब तक वह विभिन्न ब्लड बैंक और अस्पताल को लगभग एक लाख यूनिट ब्लड मुहैया करा चुके हैं।
कहा..और कर दिखाया
श्री जैन कोई सालों से रक्तदान जागरूकता अभियान चला रहे है किंतु वह न सिर्फ लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित कर रहे है बल्कि वह कथनी को करनी में मूर्तरूप देते हुए स्वयं भी रक्तदान कर लोगों के लिए मिसाल बने हुए है। श्री जैन अब तक करीब 130 यूनिट ब्लड डोनेट कर चुके है।
वह जिले भर में शिविर का आयोजन के रक्त एकत्रित कर अपना ब्लड बैंक रायपुर, राजनांदगांव ब्लड बैंक और शासकीय अस्पताल को मुहैया करा रहे है ताकि गंभीर रोग से ग्रसित ओर जरूरत मंद को खून मिल सके। श्री जैन की पहल से सैकड़ों लोग स्वास्थ्य होकर जीवन गुजार रहे है। सबसे अच्छी बात यह है कि सतत् प्रयास के बाद रक्तदान को लेकर लोगों के बीच की भ्रांति अब खत्म सी हुई है और शहर और गांव के महिला पुरुष और युवा अब स्वस्फूर्त रक्तदान करने सामने आने लगे है।

