मसूदा राजस्थान(अमर छत्तीसगढ) 6 जनवरी
श्री पन्ना गुरु एवम श्री सोहन गुरु संघ के संघनायक, सामायिक साधना के प्रबल प्रेरक, संघनायक पूज्य गुरु भगवन श्री प्रियदर्शन मुनि जी म.सा. का मंगलवार को मसूदा कस्बे में मंगल भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
इस मौके पर श्रद्धालु भक्तों ने अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर स्वामी, श्री पन्ना गुरु, श्री सोहन गुरु, संघनायक प्रियदर्शन गुरु की जय जयकारों से समूचे विहार मार्ग को गूंजा दिया।
श्री प्राज्ञ मित्र समिति ब्यावर के अध्यक्ष समाज सेवी रतनलाल भंसाली एवम श्री राष्ट्रीय प्राज्ञ संघ से जुड़े युवाचेता गौतम हिंगड़ ने एक जानकारी में बताया की पूज्य गुरुदेव संघनायक श्री प्रियदर्शन मुनि जी म. सा.अपने सहयोगी संत मंडल के साथ ब्यावर में अल्पकालीन प्रवास पूर्ण कर मसूदा जैन समाज की विनती को मान देते हुए मसूदा में भव्य मंगल प्रवेश किया।
पूज्य गुरुदेव का ब्यावर अल्प प्रवास में धर्म ध्यान का अनुपम ठाठ रहा। युवाओं का धर्म के प्रति धर्म ध्यान, तप त्याग, जप जाप,साधना आराधना के प्रति गहरा रुझान बड़ा पूज्य गुरुदेव के मार्मिक प्रवचनों का आमजन में गहरा प्रभाव पड़ा।
युवाओं ने तप त्याग एवं सामायिक साधना से अपने जीवन को सार्थक किया। संत मंडल की विहार यात्रा में इस कड़ाके की ठंड में भी जोरदार उत्साह उमंग रहा।गुरु भगवन्तो के प्रति युवा वर्ग की श्रद्धा भक्ति अनुकरणीय रहीं।
संघनायक मंगलवार सवेरे निकटवर्ती गांव खीम पूरा से पैदल विहार कर मसूदा पहुंचे। मसूदा श्री संघ के अनुसार पूज्य गुरु भगवन एवम संत मंडल का मसूदा में अल्प प्रवास के दौरान मुख्य बाजार स्थित जैन स्थानक में सवेरे 09बजे से 10:00 बजे तक प्रवचन होगा। गुरुदेव के मुखारविंद से जिनवाणी की पावन बरखा होगी।
संघ अध्यक्ष एवम मंत्री ने धर्म प्राण श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं से संघनायक जी के कस्बे में अल्प प्रवास में आयोजित आयोजन एवम कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का अनुरोध किया है। संघनायक प्रवर अपने संत मंडल सहित कस्बे में अल्प प्रवास पूर्ण कर बांदनवाड़ा पधारेंगे।
आत्मा के संगीत के लिए नवकार से जुड़े= प्रिय दर्शन मुनि
संघनायक गुरुदेव श्री प्रियदर्शन मुनि जी महाराज साहब ने ब्यावर से मसूदा के विहार मार्ग में श्रद्धालुओं सा धर्म चर्चा के दौरान फरमाया कि भाग्यशालियों ! बड़ी प्यारी चर्चा चल रही थी सौम्य दर्शन मुनि जी म.सा. के द्वारा की ‘जीवन में संगीत’ फूटना चाहिए l
जीवन में मधुर वचनों का प्रयोग होना चाहिए।लेकिन आपका नंबर आग लगाने वालों में आता है या आग बुझाने वालों में आता हैl एक नन्ही चिड़िया को आग बुझाते देखकर किसी ने पूछा की तेरी नन्ही चोंच में कितना सा पानी आता है, तब उस नन्ही सी चिड़िया ने कहा – कि देखो जब इतिहास लिखा जाएगा तब मेरा नाम आग लगाने वालों में नहीं,आग बुझाने वालों में आएगा।
संघ नायक पूज्य गुरु भगवन ने कहा कि बोलते समय पूरे जोश के साथ, विवेक के साथ बोलने का प्रयास करें l आप आठ पल्लड वाली मुंहपत्ती लगते हैं,पानी भी छानकर पीते हैं, तो वचनों को भी छान कर सोच समझ कर बोलना चाहिए l
जो सत्य से जुड़ता वो योगी =संघ नायक
श्री प्राज्ञ संघ के संघनायक प्रिय दर्शन मुनि सा ने गुरु की महत्ता बताते हुए कहा कि हमको श्री सोहन गुरु फरमाते थे की जो चापलूसी की भाषा बोले,ऊंचा चढ़ाने का प्रयास करें,उससे सदा सावधान रहो।शब्दों का दुरुपयोग नहीं बल्कि उनका सदुपयोग का प्रयास करें ।
शास्त्रों में आनंद आदि श्रावकों का वर्णन आता है कि कि वो लोगों के लिए आधारभूत थे। और अपने पास आने वालों को सही राय देते थे।दूसरा संगीत है “सत्य ” का। सत्य यानी “आत्मा ” जो कभी भी बदलती नहीं । जो सत्य से जुड़ जाता है वो योगी और असत्य से जुड़ता है, वो भोगी होता है ।
उन्होंने धर्म चर्चा के दौरान कहा कि आत्मा के सत्य में रमन करने के लिए “नवकार मंत्र ” की शरण लेने का प्रयास करें। वीतरागता के संगीत से जुड़ने का प्रयास करेंl आठवें गुणस्थान से “अपूर्वकरण” प्राप्त होता है, जो आनंद पूर्व में कभी भी प्राप्त नहीं हुआ, वो प्राप्त होता है, नवकार से जुड़े बिना अपूर्वकरण प्राप्त नहीं होता है।
अतः अपने जीवन में मधुर वचनों का,सत्य का और नवकार का संगीत फोडने का प्रयास करें,ताकि जीवन की सार्थकता सिद्ध हो सके। अगर ऐसा प्रयास और पुरुषार्थ रहा तो यत्र – तत्र- सर्वत्र आनंद ही आनंद होगा l

