वैष्णव सेवा संघ ने राजा दिग्विजय दास की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी

वैष्णव सेवा संघ ने राजा दिग्विजय दास की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी

राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 22 जनवरी। अखिल भारतीय वैष्णव सेवा संघ एवं अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ ने राजनांदगांव के बैरागी वैष्णव रियासत के राजा दिग्विजय दास वैष्णव के पुण्यतिथि पर प्रतिमा में माल्यापर्ण, दीप प्रज्जवलन कर दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि अर्पित की ।

वैष्णव सेवा संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छुईखदान छोटे राजा परिवार के लाल जे.के. वैष्णव ने जानकारी दी कि स्वतंत्र भारत के पूर्व 532 देशी रियासतों में छुईखदान एवं राजनांदगांव मात्र दो वैष्णव बैरागी राजवंश रहा ।

राजनांदगाँव रियासत के अंतिम शासक राजा दिग्विजय दास के 22 जनवरी 1958 को गोलोक वासी होने की जानकारी देते हुए उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। उनकी दानशीलता के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए उनके दूरदृष्टि शिक्षा के क्षेत्र में विचार जो कि वर्तमान में 1957 से संचालित शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय आदि संस्थाओं सहित उनकी दानशीलता को रेखांकित किया ।

अलिख भारतीय पुजारी पुरोहित संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष देव कुमार निर्वाणी ने उनके विरासत की सम्पूर्ण जानकारी दी । डॉ. शैलेन्द्र सिंह प्रोफेसर शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनंादगाँव ने राजनंदगांव बैरागी वैष्णव रियासत पर अपनी लिखी पुस्तक की जानकारी देते हुए वैष्णव समाज के सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं को अवलोकन कराया ।

वैष्णव समाज ने राजनांदगाँव एवं छुईखदान राजाओं के इतिहास पर लिखे पुस्तक हेतु प्रोफेसर डॉ. शैलेन्द्र सिंह के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया ।

Chhattisgarh