छत्तीसगढ़ के बेटे को गांव में नहीं मिली अंतिम विदाई : कुलगाम हमले में मारे गए दीपक का कश्मीर में हुआ अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ के बेटे को गांव में नहीं मिली अंतिम विदाई : कुलगाम हमले में मारे गए दीपक का कश्मीर में हुआ अंतिम संस्कार

सक्ती(अमर छत्तीसगढ़) 1 अगस्त । जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत बुंदेली गांव निवासी दीपक रात्रे का अंतिम संस्कार जम्मू-कश्मीर में ही कर दिया गया। पार्थिव शरीर गृहग्राम नहीं पहुंचने से परिजनों और ग्रामीणों में मायूसी के साथ नाराजगी का माहौल है।

परिजनों ने प्रशासन से मांग की थी कि दीपक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बुंदेली लाया जाए, ताकि परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीण पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दे सकें। लेकिन विभिन्न परिस्थितियों के चलते ऐसा संभव नहीं हो सका और जम्मू-कश्मीर में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

गौरतलब है कि दीपक रात्रे रोजी-रोटी की तलाश में जम्मू-कश्मीर मजदूरी करने गए थे। शनिवार को कुलगाम जिले में आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें दीपक रात्रे समेत छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।

दीपक के परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है। उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उनका एक भाई दिव्यांग है। ऐसे में परिवार की पूरी जिम्मेदारी दीपक के कंधों पर थी। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब उनके सामने आर्थिक संकट भी गहरा गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पार्थिव शरीर गांव लाया जाता, तो पूरा गांव अपने बेटे को अंतिम श्रद्धांजलि दे पाता। इस बात को लेकर लोगों में गहरी भावनात्मक नाराजगी देखने को मिल रही है।

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