(प्रकाश जैन)
ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 25 जनवरी।
जैन धर्म में संयम मार्ग की खासी महत्ता है। इंसान की मौक्ष मार्ग की और गतिशील होने के लिए संयम मार्ग अपनाना नितांत जरूरी है।

संयम बिना जीवन कोरा है इस उक्ति की समझा एवम जीवन में चरितार्थ कर रहे है ब्यावर के 20वर्षीय युवा अनीश कांठेड़ ने जिसने ठाना संयम लेने की, ओर आगामी 28 जनवरी को बीकानेर के छोटे से गांव उदासर में अपने आराध्य गुरु व्यसन मुक्ति के प्रणेता दीक्षा प्रदाता नानेश पट्ट धर श्री रामलाल जी के मुखारविंद से ब्यावर सहित देश भर के हजारों श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं की साक्षी में जैन भगवती दीक्षा ग्रहण कर विधिवत जैन साधु बन श्री राम गुरु संघ में शामिल हो जायेगा।

संसार असार समझते ही बढ़ गया संयम मार्ग की और,मां नीता ने कहा अब पीछे मुड़ कर मत देखना
कालेज छोड़ कर 27 वर्षीय लब्ध प्रतिष्ठित ब्यावर के कांठेड़ परिवार का इस लाड़ले को संसार असार लगने लगा।

उसे वैराग्य मार्ग एवम संयम मार्ग की पथिक बनने की लगन ऐसी लगी कि सांसारिक मोह माया को त्यागकर जैन धर्म के सबसे कठिन पथ पर जाने की ठान ली और परिवार को यह जता दिया कि अब उसका मन संसार से विरक्त हो चुका है तो माता नीता कांठेड़ एवम मामा रिखब सोनी व बहनों ने उसकी भावनाओं को साकार करने हेतु गुरु भगवन श्री राम गुरु एवम उपाध्याय प्रवर श्री राम गुरु के श्री चरणों में पहुंचकर सहज दीक्षा की स्वीकृति प्रदान कर दी।

इस स्वीकृति एवम गुरु आज्ञा एवम आशीर्वाद पाकर अनीश की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए तो मातु श्री ने आगे बढ़कर अपने कलेजे की कौर को गले लगाया खूब लाड़ लड़ाते हुए कहा अब पीछे मुड़ कर मत देखना जिनशासन को दीपाना गुरु आज्ञा को प्रति पल शिरोधार्य रखना। शेर की तरह इस मार्ग पर बढ़ रहा है सिंह की तरह संयम मार्ग पर डटे रहना।

परिवार से 05 लोग ले चुके हैं संयम मार्ग
मुमुक्षु अनीश के पिता माइनिंग ड्रिलिंग व्यवसाई प्रेमचंद कांठेड़ का देहावसान हो चुका है वहीं अनीश की माता श्री नीता का जीवन धर्म से पूर्ण रूपेण ओत प्रोत है। सुश्राविका नीता जी का नित्य अधिकांश समय धर्म ध्यान तप त्याग एवम जप जाप सहित धार्मिक एवम सामाजिक कार्यक्रमों में ही बीतता है।

मुमुक्षु के भाई वर्तमान में प्राज्ञ संघ के एक घटक के जैनाचार्य श्री सुदर्शन लाल जी महाराज है। वहीं 02 भाई संत श्री दिव्य दर्शन मुनि एवम संत श्री रामानंद मुनि जी व दो बहने साध्वी रत्ना श्री विदेहप्रज्ञा जी,! महासती राम हर्षाश्री जी जिन शासन की दिव्य प्रभावना कर रहे है। परिवार के 05 लोग जैन दीक्षा अंगीकार कर चुके है।
28 जनवरी को उदासर में अपने गुरु के हाथों होंगे दीक्षित अनीश
बीकानेर के उदासर में प्रवास कर रहे जैनाचार्य भगवन श्री राम गुरु 28 जनवरी को अपने हाथों से अनीश को दीक्षित करेंगे। इस अवसर पर अनीश के परिवार जन,मित्र मंडली सहित ब्यावर से 251 श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं का एक विशेष जत्था अनीश की दीक्षा महोत्सव के साक्षी बनेंगे।
यह जत्था संघ प्रमुखों के नेतृत्व में सोमवार शाम उदासर के लिए भगवान महावीर,आचार्य नानेश आचार्य रामेश एवं उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि की जय जयकारों के बीच रवाना होगा।

विराट वर घोड़ा कल सवेरे 8.15 बजे..
समता युवा संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण बड़ोला ने बताया कि मुमुक्षु अनीश के सम्मान एवम बहुमान में जैन मित्र मंडल की सभी इकाइयों के तत्वाधान में कल सोमवार 26 जनवरी,2026 को सवेरे 8.15 बजे सुश्राविका वीर माता नीता जी कांठेड़ के लोकाशाह नगर स्थित आवास से एक भव्य विराट वर घोड़ा निकाला जायेगा।
संघ अध्यक्ष गौतम चौधरी एवं महामंत्री धर्मीचंद ओस्तवाल ने राजस्थान लहर से रूबरू होते हुए बताया कि वरघोड़ा लोकाशाह नगर से आरंभ होकर मेवाड़ी गेट,सिटी डिस्पेंसरी,श्री टावर,तेलियान चौपड़ महावीर बाजार,एकता सर्कल, पाली बाजार,लोहारन चौपड़,सनातन स्कूल मार्ग,मालियान चौपड़,राजा साहब चौराहा, आचार्य नानेश मार्ग स्थित समता भवन पहुंचेगा। इस विराट जलसे में ब्यावर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से भारी तादाद में भक्त श्रद्धालु शिरकत करेंगे।

होगा बहुमान एवम अभिनंदन
संघ के पूर्व अध्यक्ष मुथा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष पारसमल खेतपालिया ने बताया कि सतरंगी दुनिया को तज कर संयम पथ की और बढ़ने वाले मुमुक्षु अनीश का सम्मान में जैन जवाहर भवन में संस्था की तीनों इकाइयों के तत्वाधान में बहुमान व अभिनंदन समारोह सोमवार दोपहर 12.15 बजे जैन जवाहर भवन के नानेश रत्नम स्थित विराट प्रांगण में जैन जैनेतर समाज द्वारा किया जायेगा। इस मौके पर वीर परिवार का जैन मित्र मंडल की ओर से स्वागत भी किया जायेगा।

