राजेशमुनि मसा के वीर पिताजी सुश्रावक  अबीरचंद सेठिया का स्वर्गवास

राजेशमुनि मसा के वीर पिताजी सुश्रावक अबीरचंद सेठिया का स्वर्गवास

निम्बाहेड़ा राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 17 फरवरी।
जन्म देकर पुत्र रत्न को किया संस्कारित
कर दिया फिर गुरु नाना चरणों में समर्पित
बेले बेले की तपस्या में रहते सदा आनंदित
जिनके तप त्याग से हुक्मसंघ हुआ सुरभित हुक्मसंघ के चौथे पद पर प्रतिष्ठित बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्यायश्री राजेशमुनिजी मसा के वीर पिताजी सुश्रावक श्री अबीरचंदजी सा. के स्वर्गवास का समाचार जानकर मनव्यथित हुआ


ऐसे तपो तेजस्वी पुत्र को गुरु चरणों में समर्पित कर जिनशासन जयवंत करने वाले वीर पिताजी का सरल व्यवहार, आत्मीयता, गुरुभक्ति, संघ समर्पणा, सहित अनेक गुणों से युक्त आपका जीवन आदर्श और प्रेरणादायक रहा।अनेकों बार आपका साहचर्य मुझेभी प्राप्त हुआ। वीरमाता शशिकलाबाई भी संघ सेवा में तत्पर, शांत, दृढ़धर्मी, शासननिष्ठ सुश्राविका है।


जिनेन्द्र देव से यही प्रार्थना है कि आपको अपने चरणों में स्थान देकर चिरशांति प्रदान करें तथा परिजन संसार के अटल नियम को स्वीकार कर संघ, शासन सेवा में संलग्न रहें।
प्रतिभा तिलकराज सहलोत, निम्बाहेड़ा

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