मुमुक्षु अंजु जैन का बहुमान,गूंजे संयम के जयकारेमहासती कमल प्रभा के सानिध्य में संयम का हुआ सम्मान…. सिंह की तरह संयम धारण करे, पालना करे – महासती कमलप्रभा

मुमुक्षु अंजु जैन का बहुमान,गूंजे संयम के जयकारेमहासती कमल प्रभा के सानिध्य में संयम का हुआ सम्मान…. सिंह की तरह संयम धारण करे, पालना करे – महासती कमलप्रभा

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 24 मार्च।
(प्रकाश जैन)
श्री ब्रज मधुकर सेवा समिति के तत्वाधान में पिपलिया बाजार स्थित ब्रज मधुकर भवन में आगामी 19 अप्रैल को केवल 16 वर्ष की उम्र में संयम मार्ग के पथ की पथिक बनने वाली मुमुक्षु अंजू जैन का एक समारोह में सम्मान एवं बहुमान किया गया।

समारोह में अंजू जैन के साहसिक निर्णय की खूब खूब अनुमोदना हुई,महासती मंडल सहित श्रद्धालु भक्तों ने केसरिया केसरिया आज म्हारो रंग केसरिया, अनुमोदना अनुमोदना, हर्ष हर्ष जय जय की स्वर लहरियों से मुमुक्षु का स्वागत किया।


श्री मधुकर मुनि महाराज संघ की
वरिष्ठ महासती श्री कमल प्रभा जी के पावन निश्रा में मुमुक्षु अंजु जैन का नगर के लब्ध प्रतिष्ठित श्रावक श्राविकाओं द्वारा संयम मार्ग की पथिक बनने पर भव्य अगुवाई कर स्वागत किया गया।


वीर संघ के पूर्व महामंत्री दुलीचंद मकाणा के प्रभावी संचालन में आयोजित बहुमान समारोह का आगाज महासती मंडल के दिव्य मंगलाचरण एवम नवकार महामंत्र के सामूहिक जापसे हुआ। श्री ब्रज मधुकर सेवा समिति के प्रमुख जवरीलाल शिशोदिया के नेतृत्व में समिति सदस्यों ने मुमुक्षु का मोतियों के हार से स्वागत किया।

समाज सेविका संतोष रांका व मधु मकाणा सुनीता रांका ने मुमुक्षु का चुंदड़ी ओढ़ाकर माला पहनाकर स्वागत बहुमान किया।

संस्था के जवरी लाल शिशोदिया,महेंद्र रांका,पारसमल लोढ़ा,विनय गादिया, रतनसिंह मेहता, दुलीचंद मकाणा रमेश मेडतवाल,मूलचंद रांका,उत्तम कोठारी सहित सदस्यों ने मुमुक्षु अंजु जैन की खोल भरकर संयम मार्ग की अनुमोदना की।


जिनशासन को भली भांति दीपायें साधना आराधना से जीवन संवारे
इस मौके पर महासती कमलप्रभा महाराज ने मुमुक्ष के साहसिक निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ये बहुत बड़ा कठिन मार्ग है।इस मार्ग को सहज ना समझे। जिनशासन को त्याग तप,साधना आराधना से भली भांति दिपाने का पूरे प्रयास करे।शेर की तरह मार्ग पर बढ़ी है तो शेर की तरह दृढ़ रहकर संयम का पालन करे।


संयम बिना जीवन अधूरा है,जीवन में संयम नितांत जरूरी
इस मौके पर साध्वी लब्धी प्रभा,वरिष्ठ पत्रकार समाज सेवी प्रकाश जैन ने भी विचार रखते हुए कहा कि संयम बिना जीवन कोरा है।दुर्लभ मानव जीवन को संयम मार्ग अपनाकर सार्थक करे मोक्ष मार्ग की ओर गतिशील होने के लिए संयम लेना नितांत जरूरी हैं।इस मौके पर समाज सेवी महेंद्र पीयूष रांका ने सभी भक्त श्रद्धालुओं को प्रभावना देकर सम्मान किया।


नाकोड़ा महातीर्थ ने किया सम्मान
मुमुक्ष अंजू जैन बहुमान समारोह से सीधे नाकोड़ा महातीर्थ के लिए रवाना हुई। नाकोड़ा जी पहुंचने पर तीर्थ सीओ सुरेंद्रराज सिंघवी ने मुमुक्षु अंजू जैन की भव्य अगुवाई करते हुए पूरे तीर्थ का अवलोकन कराया।


नाकोड़ा तीर्थ से जुड़े समाज सेवी प्रकाश जैन ने बताया कि बहन अंजु ने महातीर्थ में विराज मान जैन धर्म के 23 वे तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ एवम देवों के देव श्री नाकोड़ा भैरव देव सहित तीर्थ में विराजमान सभी प्रतिमाओं के दर्शन कर आराधना भक्ति से सराबोर हुई।

इस अवसर पर नाकोडा ट्रस्ट मंडल एवम तीर्थ प्रबंधन के प्रमुख सीओ सुरेंद्र राज सिंघवी ने मुमुक्षु का चंदन की माला पहनाकर एवम चुंदड़ी ओढ़ाकर स्वागत अभिनंदन किया एवम स्मृति चिन्ह भेंट कर बहुमान किया। मुमुक्षु नाकोड़ा महातीर्थ के मूल नायक पुरुषादानी भगवान पार्श्वनाथ एवम श्री भैरव दादा के दिव्य दर्शन कर खूब अभिभूत एवम पुलकित दिखाई दी।


प्रकाश जैन,वरिष्ठ पत्रकार
सुनील जैन,आशीष जैन
फोटो जर्नलिस्ट
जयपुर,ब्यावर,अजमेर किशनगढ़,पाली

Chhattisgarh