शहीद दिवस पर भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी द्वारा भगतसिंह, राजगुरू एवं सुखदेव को नमन

शहीद दिवस पर भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी द्वारा भगतसिंह, राजगुरू एवं सुखदेव को नमन

राजनांदगांव 24 मार्च। 23 मार्च 1931 को भगतसिंह, सुखदेव एवं राजगुरू ने देश की आजादी के लिए अंग्रज समाजवाद का विरोध करते हुए हंसते-हंसते फंासी के फंदे को चुम लिया था, इसलिए यह दिन शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है। इन क्रंातिकारी युवकों का साहस, त्याग, बलिदान  आज भी हमारे युवाओं को प्रेरणा प्रदान करता है।


इसी अवसर पर भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी जिला परिषद् राजनांदगांव द्वारा पार्टी कार्यालय प्रकाश भवन कार्यालय प्रकाश भवन में शहीद दिवस मनाया गया तथा अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन तथा उनके विचारों को याद किया गया।


कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पार्टी के राज्य परिषद् सदस्य प्रो. थानसिंह वर्मा ने कहा कि भारत कि भारत की आजादी में क्रंातिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भगतसिंह एक क्रंातिकारी ही नहीं बल्कि प्रबुद्ध लेखक तथा महान चितंक थे।

उन्होंने क्रांति के उद्देश्य तथा आजाद भारत का जो स्वरूप उन्होंने देखा था, वह अपने विचारों  के माध्यम से प्रस्तुत किया। वह शोषण मुक्त समाज चाहते थे।

पार्टी के सचिव कामरेड प्रभात कुमार तिवारी ने कहा भगतसिंह अपने क्रंातिकारी विचारों तथा आजादी के आंदोलन में अपना महत्वपूर्ण योगदान के कारण आज भी युवओं के आदर्श बने हुए हंै, उनका स्वप्न मरा नहीं है।

कामरेड विश्राम देवागंन ने अपने सम्बोधन में कहा-आज दुनिया अमरीकि साम्राज्यवाद के आतंक से ग्रस्त है, वह अपने शक्ति के बल पर दुनिया के संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है,भगतसिंह तथा उनके क्रांतिकारी साथियों ने अपने समय में ऐसी साम्राज्यवादी शक्तियों का विश्व शांति के लिए वैचारिक स्तर पर पूरजोर विरोध किया था।

अंत में कार्यक्रम का अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता एवं विधि महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य अनीस अहमद ने अपने अध्यक्ष उद़्बोधन आलेख रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा भगतसिंह एक अध्ययन से युवक थे, जेल में रहते हुए उन्होंने अनेक पुस्तको का अध्ययन किया था
कार्यक्रम में कामरेड श्रीमती कौशिक,अजय चंद्रकार, धनेश कुर्र्रे, प्रसन्न कुमार एवं पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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