डोंगरगढ़(अमर छत्तीसगढ़) 27 मार्च । छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ शहर के बीच स्थित प्राचीन बुढ़ादेव पहाड़ी में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे पहाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। पहाड़ी पर सूखी घास और झाड़ियों की अधिकता के कारण आग तेजी से फैल रही है।
तेज हवा के चलते लपटें लगातार ऊपर की ओर बढ़ रही हैं, जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल होता जा रहा है। आग की लपटें और उठता धुआं शहर के कई हिस्सों से साफ दिखाई दे रहा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि घटना की सूचना के बावजूद खबर लिखे जाने तक मौके पर न तो दमकल की गाड़ियां पहुंची हैं और न ही कोई प्रशासनिक टीम सक्रिय नजर आई है। स्थानीय लोग अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उनके प्रयास सीमित साबित हो रहे हैं।

बुढ़ादेव पहाड़ी न केवल प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय आस्था और धार्मिक विश्वास से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में इस आगजनी से पर्यावरण को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
आग लगने से वन्य जीवों और पहाड़ी क्षेत्र की जैव विविधता पर भी खतरा मंडरा रहा है। फिलहाल हालात गंभीर बने हुए हैं और आग पर काबू पाने के लिए तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग कब तक मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू करते हैं।

