रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 20 अप्रैल । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया। अमित जोगी की याचिका पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों संबंधित मामलों को एक साथ टैग कर दिया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।साल 2003 में राम अवतार जग्गी, जो नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता थे, की बिलासपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी और राजनीतिक माहौल गरमा गया था। हत्या की जांच के दौरान कई बड़े राजनीतिक नाम सामने आए, जिनमें प्रमुख रूप से अमित जोगी का नाम भी शामिल रहा। लंबे समय तक चले इस केस में कई उतार-चढ़ाव आए और अंततः मामला अदालत तक पहुंचा।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने उन्हें 23 अप्रैल से पहले सरेंडर करने के निर्देश भी दिए हैं।
आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दो अलग-अलग कानूनी मामलों को एक साथ टैग कर दिया है- पहला, 25.03.2026 के ‘लीव टू अपील’ आदेश के विरुद्ध दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) और दूसरा, 02.04.2026 को उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर वैधानिक अपील।
इस फैसले के बाद अब दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ की जाएगी।सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तारीख तय की है। इस दिन होने वाली सुनवाई में यह तय हो सकता है कि अमित जोगी को किसी प्रकार की राहत मिलती है या हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रहता है।

