कवर्धा कलेक्ट्रेट कुर्क : खाद्य विभाग ने भुगतान नहीं करने पर न्यायालय ने दिया कुर्की का आदेश, अधिकारी कर रहे कुर्की

कवर्धा कलेक्ट्रेट कुर्क : खाद्य विभाग ने भुगतान नहीं करने पर न्यायालय ने दिया कुर्की का आदेश, अधिकारी कर रहे कुर्की

कवर्धा(अमर छत्तीसगढ़) 24 अप्रैल । छत्तीसगढ़ के कवर्धा में एक छोटे से बकाया भुगतान का मामला प्रशासन के लिए बड़ी किरकिरी का कारण बन गया। न्यायालय के आदेश की अनदेखी के चलते खाद्य विभाग कार्यालय से लेकर कलेक्टर न्यायालय तक कुर्की की कार्रवाई शुरू हो गई, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि अंतिम समय में नेशनल लोक अदालत में समाधान की सहमति बनने से फिलहाल राहत मिल गई है।

कवर्धा जिले में खाद्य विभाग द्वारा वर्षों से लंबित भुगतान नहीं करने के चलते जिला न्यायालय के आदेश के बाद खाद्य विभाग कार्यालय के कम्प्यूटर, टेबल, कुर्सी, पंखे,कूलर और आलमारी सहित अन्य सामानों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू की गई। इतना ही नहीं, कार्रवाई के दायरे में कलेक्टर न्यायालय के फर्नीचर और उपकरण भी शामिल किए गए।

न्यायालय ने वर्ष 2023 में भुगतान के आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि आदेश की अवहेलना पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उस समय आपसी सहमति से कार्रवाई रोक दी गई थी और विभाग को समय दिया गया था, लेकिन तय अवधि बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद पुनः न्यायालय के निर्देश पर कुर्की की प्रक्रिया शुरू हुई।

रेस्टोरेंट संचालक अपने वकील और न्यायालय कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे, जहां कार्यालय के सामानों की सूची बनाकर जब्ती की कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान खाद्य विभाग में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद तो रहे, लेकिन मीडिया से दूरी बनाते नजर आए। हालांकि, कार्रवाई के बीच विभाग ने एक बार फिर समय मांगते हुए 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में मामले के निपटारे की लिखित सहमति दी है।

जानकारी के अनुसार 2019 में खाद्य विभाग ने वृंदावन रेस्टोरेंट संचालक से भोजन सप्लाई के लिए अनुबंध किया था, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। लंबे समय तक भुगतान के लिए चक्कर लगाने के बाद संचालक ने जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया। इस मामले में लगभग 4 लाख 61 हजार 914 रुपये (ब्याज सहित) की राशि बकाया है।

अधिवक्ता पोखराज सिंह परिहार ने बताया कि, वर्ष 2019 में भोरमदेव महोत्सव व विधानसभा में प्रशासन व खाद्य विभाग द्वारा दिए गए आर्डर का करीब 6 से 7 लाख का बिल भुगतान शेष था, जिसमें कुछ भुगतान किया गया है। बचत राशि की भरपाई के लिए जिला न्यायालय द्वारा कुर्की का आदेश दिया गया है।

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