कांस्टेबल ने शिक्षिका को बनाया हवस का शिकार : फेसबुक पर की दोस्ती करने के बाद किया रेप, अश्लील फोटो वायरल पर FIR दर्ज

कांस्टेबल ने शिक्षिका को बनाया हवस का शिकार : फेसबुक पर की दोस्ती करने के बाद किया रेप, अश्लील फोटो वायरल पर FIR दर्ज

जशपुर(अमर छत्तीसगढ़) 11 मई । छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक शिक्षिका ने थाना कांसाबेल में पदस्थ आरक्षक रुद्रमणी यादव के खिलाफ दुष्कर्म, मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करवाई है।

पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी आरक्षक के खिलाफ BNS की धारा 376(2)(N) तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(V) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।पीड़िता शिक्षिका का आरोप है कि, उसके पति की वर्ष 2020 में मौत हो चुकी है और वह अपने दो बच्चों के साथ अकेले जीवन यापन कर रही है। जनवरी 2023 में फेसबुक के जरिये उसकी पहचान आरक्षक रुद्रमणी यादव से हुई।

शुरुआत में आरोपी ने महिला की पारिवारिक समस्याओं और विवादों का समाधान कराने का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाई। आरोपी आरक्षक ने उसकी मजबूरी और अकेलेपन का फायदा उठाकर उसे अपने झांसे में लिया।

शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि, 28 अप्रैल 2023 को आरोपी उसे घूमने के बहाने बटईकिला क्षेत्र की ओर ले गया और सुनसान स्थान पर जबरन दुष्कर्म किया।इसके बाद आरोपी लगातार अलग-अलग स्थानों पर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाता रहा।

इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने गर्भपात की दवाइयां देकर गर्भ गिरवा दिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जनवरी 2025 में भी आरोपी उसे भुरसादाब क्षेत्र के जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया। जब उसने आरोपी से दूरी बनानी शुरू की तो वह उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।

आरोपी सार्वजनिक स्थानों पर गाली-गलौज करता था और उसे अपमानित करता था। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके कॉल डिटेल निकलवाकर परिचितों और रिश्तेदारों को फोन कर उसके बारे में गलत बातें फैलाईं।

साथ ही उसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया और अन्य लोगों के बीच वायरल की गईं, जिससे उसकी सामाजिक छवि धूमिल हुई और उसे मानसिक कष्ट झेलना पड़ा।

आरोपी ने जमीन दिलाने के नाम पर उससे और उसके भाई से करीब दो लाख रुपये लिए, लेकिन कोई काम नहीं कराया। आरोपी कथित तौर पर खुद को पुलिस विभाग में प्रभावशाली बताते हुए महिला को धमकाता था कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

इस मामले में महिला द्वारा अपना अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी आरक्षक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

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