ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 4 जुन।
आचार्य श्री रामेश के शिष्य शासन दीपक श्री प्रमोद मुनि जी म सा ने समता भवन मे भजन से कहा गरीबो की झोली भरेगा जो धन से कभी खाली उसका न भण्डार होगा बडा भाग्यशाली वो परिवार होगा सुबह शाभ जिस घर मे धर्म ध्यान होगा।हमारे मन मे सरलता,पवित्रता,व वाणी मे मधुरता होनी चाहिए।
म सा ने भाषा पर कहा भाषा हमारे विचारों का आसन है।सोच समझ कर बोले,मनुष्य की भाषा भावो से बता देती है जिससे सभी प्राणी समझ लेते हैं।जैसे ऐसी कोई जड नही जो औषधि नही बन सके, ऐसा कोई पुरूष नही जो जिसमे योग्यता नही हो, ऐसा कोई शब्द नही जिससे मंत्र बने।समय देख कर कम शब्दों मे बोले।
म सा ने कहा साधु संतो को भाषा समिति का ध्यान रखना चाहिए ऐसी कोई बात नही बोले जो प्रशंसनीय नही हो, पर पीडा कारी भाषा नही बोलें, भाषा मे शब्दों का विशेष ध्यान रखना पडता है, क्योंकि भाषा महाभारत करा देती है वही भाषा द्रौपदी को दांव पर लगा देती हैं, व्यक्ति से जैसे जैसे कठोर शब्द निकलते है वैसे वैसे लोगो की दुरिया बनती जाती है।
म सा ने कहा भाषा के साथ ध्वनि का बडा महत्व होता है जितनी ध्वनि बढेगी उतना प्रदूषण बढेगा, और उसके साथ उतनी बिमारिया बढती जायेगी, सुनने की शक्ति क्षमता कम होती जायेगी किसी की हंसी किसी के लिए दुखदायी बन सकती है, धैर्य व्यक्ति व्यवहार मे सत्य बोलता है,सत्य मे देर हो सकती अदेर नहीं। सत्य के बिना काम नही चल सकता।
इससे पहले श्री अमित मुनि जी म सा ने कहा हमे अधर्मी को धर्मी बनाना का प्रयास करते रहना चाहिए संघ समाज मे प्रेम अनुशासन होना चाहिए जिसने दुख सुख को जान लिया वो हर किसी को जीत लेता है।जो अपने लिए तैयारी कर लेता उसका भव भव सुधर जाता।
म सा ने कहा परमात्मा किसी को यह नही पूछते तुमने कितना पैसा इकट्ठा किया,पद प्रतिष्ठा, प्रशंसा कितनी पायी,क्या तुमे शांति दे पायी अपनी आत्मा के लिए कितना किया,शरीर रोगो का घर है फिर क्यो इतरा रहा है, गाडी गैराज मे पैसा बैंक मे रिश्तेदार शमशान मे ही रह जायेगे कभी सोचा तुमने अपने लिए क्या किया।
संघ प्रवक्ता
नोरतमर बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

