ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 5 जुन।
आचार्य श्री रामेश के शिष्य शासन दीपक श्री प्रमोद मुनि जी म सा ने समता भवन मे कहा जो गुणवान होगा वही पुण्यवान होगा,सहयोग का त्याग करना होगा सहयोग क्या है? सहयोग अच्छा है सहयोग बुरा भी है जैसा सहयोग वैसा रिजल्ट रहता है। सहयोग को समझना सहज योग है इसमे मन वचन काया की प्रक्रिया का योग होता है।
म सा ने कहा आत्मा का कर्मो के साथ समिक्षण होता हैं।हमे अहोभाव से संघ समपर्ण पैदा करना होगा, ममत्व का त्याग आत्मा का कल्याण विनय गुण तभी आयेंगे विनय के लिए पीछे पडेगे तभी सुरक्षित होगें,आत्मा के लिए हमेशा हमारा सहयोग रहेगा।
इससे पहले श्री श्रुतप्रभ जी म सा ने कहा अनंत ज्ञानी अनंत दर्शी अनन्त चक्षु किसे कहना? अनंन ज्ञानी दर्शी चक्षु भगवान महावीर को कहते है, उनका ज्ञान देखने का नजरिया अलग होता है और हमारा नजरिया अलग होता है,उनका नजरिया सोच अंतिम पडाव की तरफ रहती हमारी वर्तमान तक रहती है यही फर्क होता हैं।
म सा ने कहा हम वर्तमान की सोचते है भगवान अंतिम परिणाम की सोचते है,पाप कर्म करने के पहले सोचना अंतिम परिणाम क्या होगा। वर्तमान को नही देखे किसी लोभ का हर्ष मनाने का कुछ क्षणो का होता है वो हमारा कर्म बांध लेता हैं, धर्म कितने स्थानक मे होता है इस पर कल चर्चा होगी।
अध्यक्ष गोतमचंद चौधरी ने कहा शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म सा प्राज्ञ भवन कुंदन नगर मेवाडी गेट बाहर विराज रहे हे सुबह सूर्योदय के बाद धर्म चर्चा मे भाग लेवे व समता भवन मे कल शनिवार से प्रवचन का समय सुबह 8:45 से 9:45 तक रहेगा। कृपया ध्यान मे रखे ज्यादा से ज्यादा जिनवाणी का लाभ लेवें।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

