बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 25 जुन । छत्तीसगढ़ बिलासपुर तारबाहर क्षेत्र में पुलिस के नाम पर महासमुंद जिले के एक युवक के परिजन से 5 लाख रुपए मांगने और 1 लाख रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। बेटे के जेल जाने के डर से परिजनों ने आरोपियों द्वारा बताए गए खाते में तत्काल 1 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।
बाद में शेष 4 लाख रुपए के लिए लगातार दबाव बनाए जाने पर पीड़ित युवक ने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
महासमुंद जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम मोहदा निवासी रूपेश पटेल (21) 19 जून को अपने दोस्तों के साथ बिलासपुर के तारबाहर क्षेत्र आया था। यहां भारती मिरे और नेहा पंत के साथ किसी बात को लेकर उसका विवाद हो गया। मामला शांत कराने के लिए तीनों तारबाहर थाने पहुंचे। घबराए रूपेश ने मदद के लिए अपने दोस्त सचिन मेहर को फोन किया। सचिन ने इसकी जानकारी व्यापार विहार निवासी सुमित देवांगन को दी।
आरोप है, सचिन और सुमित ने रूपेश के परिजनों को फोन कर पुलिस कार्रवाई और जेल भेजने का डर दिखाते हुए 5 लाख रुपए की मांग की। परिजनों ने घबराकर उनके बताए खाते में 1 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिन तक दोनों शांत रहे, लेकिन बाद में फिर 4 लाख रुपए की मांग को लेकर लगातार फोन कर दबाव बनाने लगे। रुपए नहीं देने पर पुलिस के नाम पर धमकियां भी दी गईं।
मामला थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने सुमित देवांगन से रकम के संबंध में पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि 19 जून की शाम को ही उसने 1 लाख रुपए चांपा निवासी महेंद्र देवांगन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। तारबाहर पुलिस ने पीड़ित की लिखित शिकायत पर एक्सटॉर्शन का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में शामिल एक आरोपी सुमित देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है। वही मामले में शामिल फरार दो अन्य आरोपियों सचिन मेहर और महेंद्र देवांगन की तलाश की जा रही है।

