जिनवाणी आत्मा को स्पर्श कराती आगम गम को भुलाती हैं- श्री विनय मुनि जी

जिनवाणी आत्मा को स्पर्श कराती आगम गम को भुलाती हैं- श्री विनय मुनि जी

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 20 जुलाई।
आचार्य रामेश के शिष्य ब्यावर रत्न शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म सा ने आज सुबह समता भवन मे अमृत देशना फरमाते हुए क्षत्रिय परिषर कहा जैन धर्म क्षत्रिय का था जितने भी तीर्थंकर हुए वह सब क्षत्रिय थे जैन धर्म वीर धीर गंभीर त्यागी गंभीरो वाला है।जैन धर्म सबसे सस्ता धर्म है इसे आज हर कोई अपनाना चाहता क्योंकि पैसा ना टका ढुंढीयो धर्म पक्को।


म सा बताया आज हमारे युवा साथी इस धर्म से विमुख होते जा रहे जैसे पहले क्षत्रियो ने ध्यान नही दिया सुरा शराब मे रह गये फिर इनको जैन ने अपना लिया अब हम भी ध्यान नही दे पाये तो और भी अपना सकते कोई ताजुब नहीं।


म सा ने भजन से बताया ओ महावीर स्वामी बना दो मुझे ज्ञानी पिला दो अमृतवाणी बन जाऊ वीतराग मे मुझे आना है तुम्हारे पास मे,भगवान महावीर को यही प्रार्थना से निवैदन करते है।

हमारे पास अगर सम्यक ज्ञान नही होता तो अंधकार से प्रकाश की और नही निकल सकतै,जब तक जीवन का आनंद नही आयेगा हमारे भीतर सम्यक ज्ञान प्रकाश हो हित इसी मे हैं सारी चीजे सम्यक ज्ञान से ग्रहण करना होता है।सम्यक ज्ञान से जन्म मरण की श्रृखंला नष्ट हो जाती हैं।


म सा ने कहा व्यक्ति अपनी चेतना जगाने के से सम्यक ज्ञान मिलता है वही व्यक्ति दीक्षा लेता है। परदेशी राजा आत्मा को देखना चाहता था वह जीवो को मारने लग इस कारण मंत्री ने राजा का जीवन परिवर्तन करा कर सभी जीवो का मार्ग प्रसस्त करते हुऐ परदेशी राजा को समझाया शरीर अलग है आत्मा अलग है।


म सा ने कहा जिनवाणी आत्मा को स्पर्श कराती आगम गम को भुलाती है, जिनवाणी सुनने से ऐकाग्रता बढती है, साधु संतो के मुंह से अमृत निकलता है।जिनवाणी सुनने के लिए शोकमुद्रा मे नही बैठे।


इससे पहले श्री रामविज्ञ मुनि जी म सा ने कहा किसी जीवो पर भार नही रखे न सताए न चाबुक मारे नही तो नरक मे चाबु खाना पडेगा, भगवान महावीर के जीवन पर आगमवाणी से समझाते जा रहे भजन से कहां अंतिम चौमासा वीर प्रभु ने पावापुर मे फरमाया,जगदीश का मतलब जगत को दीशा दिखाने वाला भगवान महावीर है।


म सा ने कहा भगवान चमालीस वर्ष तक केवली बन कर विचरण करते रहे। केवलज्ञानी आचार्य पद पर नही बैठ सकते, बारह वर्ष गोतम स्वामी केवल ज्ञन होते हुए विचरण करते रहे, सुधर्मा स्वामी आठ वर्ष तक केवल ज्ञान रहा जम्बू स्वामी ने पाट संभाला था।


संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

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