धमतरी(अमर छत्तीसगढ़) 21 जुलाई । करीब डेढ़ वर्ष पहले मामूली विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में जिला न्यायालय ने दोनों दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सशक्त साक्ष्यों के आधार पर आया।
मिली जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी 2025 की रात करीब 11 बजे शंकर ढीमर (24) अपने साथी रितेश पेंडरिया के साथ मराठापारा स्थित एक छठी कार्यक्रम से लौटकर मराठा मंगल भवन के पास पीपल के पेड़ के नीचे बैठा था।
इसी दौरान आरोपी मोनू उर्फ कुई ध्रुव और जन्मदेव सोरी वहां पहुंचे। पुरानी रंजिश को लेकर दोनों ने चाकू से शंकर के सीने, पेट और जांघ पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शंकर को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच में सामने आया कि, घटना से दो-तीन दिन पहले मृतक द्वारा आरोपी के मामा की साइकिल वापस नहीं करने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इसी रंजिश में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर समयबद्ध तरीके से चालान न्यायालय में पेश किया।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों को आधार मानते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास तथा 500-500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही विचारण अवधि के 529 दिनों का समायोजन भी प्रदान किया गया।
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने इस चर्चित हत्याकांड में उत्कृष्ट विवेचना कर दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश मरई को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

