बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 22 जुलाई । हाई कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट NDPS Act के एक मामले में निचली अदालत द्वारा 7 आरोपियों को दी गई 10 से 15 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा को रद्द कर दिया है। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने पाया कि पुलिस द्वारा तलाशी, जब्ती, सैंपलिंग और सीलिंग की अनिवार्य वैधानिक प्रक्रियाओं में कई गंभीर प्रक्रियात्मक खामियां थीं। कोर्ट ने सभी आरोपियों को ‘संदेह का लाभ’ देते हुए तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है।
दरसअल, 10 अक्टूबर 2022 को थाना आजाद चौक, रायपुर की पुलिस को मुखबिर से नशीली गोलियों की बिक्री की सूचना मिली थी। पुलिस ने सबसे पहले नियाजुद्दीन उर्फ विक्की और जे. भास्कर राव को पकड़ा।
उनके मेमोरेंडम बयानों के आधार पर अन्य आरोपियों रविंद्र गोयल (प्रथम मेडिकल स्टोर के संचालक), मुकेश कुमार साहू, मोहम्मद हसन, साहिल हसन, आकाश विश्वकर्मा और विरल पटेल को मामले में आरोपी बनाया गया। पुलिस का दावा था कि आरोपियों से भारी मात्रा में ट्रामाडॉल Tramadol और अल्प्राजोलम Alprazolam की गोलियां, कैप्सूल जब्त किए गए।
स्पेशल कोर्ट NDPS, रायपुर ने 1 सितंबर 2025 को आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10 से 15 साल की कैद और एक लाख रुपये से डेढ़ लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा सुनाई थी। स्पेशल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए आरोपियों ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान पुलिस जांच में कई वैधानिक त्रुटियां पाई।
हाई कोर्ट ने एनडीपीएस मामलों की जांच में पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही घोर लापरवाही और उदासीनता पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। कोर्ट ने कहा, यह लापरवाही केवल संयोग या अनजाने में हुई चूक नहीं हो सकती। यह जांच में गंभीर लापरवाही और गैर-पेशेवर रवैये को दर्शाती है, जिससे एनडीपीएस कानून का मूल उद्देश्य ही विफल हो जाता है।
कोर्ट ने डीजीपी को निर्देशित किया है, इस मामले में हुई गंभीर चूक की समीक्षा करें और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करें। एनडीपीएस मामलों की निष्पक्ष व कानून सम्मत जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी जांच अधिकारियों के लिए व्यापक निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया SOP जारी किए जाए। कोर्ट ने इस निर्णय की प्रति तुरंत पुलिस महानिदेशक DGP, छत्तीसगढ़ को भेजने का निर्देश दिया है।

