महासती सुप्रतिभा श्री आदि ढाणा 4 का चातुर्मासिक प्रवेश

महासती सुप्रतिभा श्री आदि ढाणा 4 का चातुर्मासिक प्रवेश

रायपुर (अमर छत्तीसगढ़) 28 जुलाई। नाकोडा भवन भैरव सोसायटी में आचार्य रामलाल जी महाराज सहाब की आज्ञा वर्तुनी महासती सुप्रतिभा श्री जी म.सा आदि ढाणा 4 का चातुर्मासिक प्रवेश”
आज के प्रवचन में महासती जी ने चातुर्मास प्रवेश का सार समझाया !
जैसे सावन आया है हरियाली लेकर
वैसे ही चातुर्मास में हम सभी को
ज्ञान दर्शन चारित्र व तप की
हरियाली लाना है

चौमासिक प्रवेश हुआ संत सतियों का
हमारा भी प्रवेश हो अंतर्मन में
चौमासे की अलख जगा रहे गुरुवर
हम भी तो उतरे अपने भीतर में

प्रवेश का– प्र — कहता हमको

“प्रमाद” नहीं करना कभी जीवन में
प्रमाद पतन का कारण है
पुरुषार्थ कर तपस्या में
हर रोज सत्संग में आना है

प्रवेश का– वे — समझाता हमको

“वैर भाव” नहीं रखना किसी से
मैत्री भाव को अपनाना है
भाईचारा रख आपस में
चातुर्मास सफल बनाना है

प्रवेश के– श — का कहना मानो तो

“शमन” करो क्रोध मान माया ममता का
विषय वासनाओं को दूर हटाओ
धारण करो सच्ची क्षमा हृदय में
और महावीर बन जाओ!उक्त जानकारी संघ महामन्त्री राजेश पारख ने दी!

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