व्यंग्यकार परसाई जी की जयन्ती पर विचार गोष्ठी सम्पन्न

व्यंग्यकार परसाई जी की जयन्ती पर विचार गोष्ठी सम्पन्न


राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 26 अगस्त ।स्थानीय प्रगतिशील लेखक संघ की इकाई द्वारा प्रसिद्ध साहित्यकार, व्यंग्यकार परसाई जी की जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी एवं रचना पाठ का आयोजन सृजन संवाद भवन में किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ दादू लाल जोशी ने कहा कि परसाई जी को पढ़ना ,जीवन के समकालीन सजकता को पढ़ना है ।उन्होंने परंपरा में आई विसंगतियों पर व्यंग्य किया है। पी आर कोसरिया (डोंगरगढ़) ने परसाई जी को अद्भुत रचनाकार बताते हुए उनके साहित्य को आमजन जीवन का साहित्य निरूपित किया।

कहानीकार कुबेर साहू ने पैसों का खेल, चूहा और मै, मैं नर्क से बोल रहा हूं आदि व्यंग्य के माध्यम से परसाई जी की रचनाओं का महत्व प्रतिपादित किया।

इस अवसर पर प्रो थानसिंह वर्मा ने कहा की परसाई जी अपनी रचनाओं के माध्यम से धार्मिक पाखण्ड, भ्रष्टाचार, सामाजिक विषमता को व्यंग्य के माध्यम से उजागर किए।कार्यक्रम में उपस्थित जिले के रचनाकारों ने परसाई जी की रचनाओं का उदाहरण देते हुए उनके रचना संसार पर अपने -अपने विचार रखे।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रभात तिवारी ने परसाई जी के व्यंग्य के माध्यम से अपनी बात रखी ।कार्यक्रम में रोशन साहू,फकीर साहू, राजकुमार चौधरी, बलराम सिन्हा,पप्पू कलिहारी,आनंद राम साहू, महेंद्र बघेल , पवन यादव ने रचना पाठ किए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ गजेंद्र बघेल एवम आभार प्रदर्शन मुकेश रामटेके ने किया।इस अवसर पर मुन्ना बाबू , हरेंद्र कंवर ,पोषण वर्मा,ओमप्रकाश अंकुर की भी सहभागिता रही।

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