दसलक्षण महापर्व द्वितीय दिवस “उत्तम मादर्व “… भजन प्रतियोगिता, तत्त्वार्थ सूत्र, मंगलाष्टक, अभिषेक, शांतिधारा, प्रवचन संपन्न

दसलक्षण महापर्व द्वितीय दिवस “उत्तम मादर्व “… भजन प्रतियोगिता, तत्त्वार्थ सूत्र, मंगलाष्टक, अभिषेक, शांतिधारा, प्रवचन संपन्न

बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 17 सितंबर । समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज एवं आचार्य श्री समय सागर महाराज की शिष्या आर्यिका श्री 105 अकम्प मति माता जी, आर्यिका श्री 105 अचल मति माता जी के सानिध्य में “दशलक्षण पर्व “ का आयोजन 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, क्रातिनगर में बुधवार “भाद्रपद शुक्ल” से शुरू हुवा ।

गुरुवार को आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर क्रातिनगर सहित शहर के 1008 श्री पार्श्व नाथ दिगम्बर जैन मंदिर सरकंडा एवं 1008 पंचबालयती दिगम्बर जैन मंदिर सन्मति विहार मंगला जैन मंदिर जी मे मंगलाष्टक, अभिषेक, शांतिधारा माताजी के मुखारबिंद से, पूजन, प्रवचन एवं समाज के श्रावकों ने तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन किया । अभिषेक एवं शांतिधारा के पात्रों का चयन बोलियों के माध्यम से किया गया ।


पर्व के दौरान बाहर से आए सभी श्रावक श्राविकाओ के भोजन की व्यवस्था समाज के संरक्षक श्रीमंत सेठ प्रवीण शकुन जैन, श्रीमंत सेठ विनोद रंजना जैन, सुकुमार सरिता जैन परिवार की तरफ से क्रांतिनगर जैन भवन मे की गई है। जिसका लाभ प्रतिदिन लोग ले रहे है।

“खुला प्रश्न मंच” प्रतियोगिता आज
महिला मंडल सरकंडा द्वारा *”खुला प्रश्न मंच” का आयोजन किया जा रहा है। महिला मंडल की अमिता गोयल ने बताया कि शुक्रवार को “खुला प्रश्न मंच” प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता मे सभी उम्र के श्रावक श्राविका भाग लेंगे। 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्न दस धर्मो से संबंधित रहेंगे विजेता को महिला मंडल सरकंडा द्वारा पुरुस्कार भी दिया जाएगा।

तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन
पर्व के दूसरे दिन “उत्तम मार्दव” पर तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन वीर कुमार जैन, नितिन जैन, राहुल जैन, अमन जैन, विशाल जैन, पुनीत जैन, विकास जैन, चेतन जैन, सुप्रीत जैन, संदीप जैन ने किया। वाचन से पूर्व सभी ने अभिषेक शांति धारा किया।

“भजन प्रतियोगिता संपन्न”
जैन सभा द्वारा गुरुवार को धार्मिक भजन देव, शास्त्र, गुरु पर आधारित भजन प्रतियोगिता आयोजित की गई । जिसमें सभी प्रतिभागियों को भजन प्रस्तुति के लिए 3 मिनट कराओके के साथ दी गई । भजन का मुखड़ा और एक अंतरा गाया गया । कार्यक्रम का क्षिप्रा जैन ने सफल संचालन किया।

प्रवचन
दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन “उत्तम मादर्व ” धर्म के दिन पूज्य 105 अकम्पमति माता जी एवं अचलमति माता जी के सानिध्य में पूजन पाठ एवं तत्त्वार्थ सूत्र वाचन किया गया। साथ ही माता जी ने प्रवचन में आचार्य श्री विद्यासागर जी द्वारा रचित मूकमति का प्रसंग माता जी द्वारा बताया गया।

माता जी ने बताया कि उत्तम मार्दव के दिन हमें मान कषाय का हनन करना चाहिए। 8 चीजों के मान से बचना चाहिए-ज्ञान, बल, रिद्धि, तप, जाति, कुल, रूप, प्रतिष्ठा. अहंकार को त्याग कर और कोमलता को धारण करके ही इस धर्म का पालन किया जा सकता है। संसारी प्राणी को सब पता है किन्तु “आत्मा का परिचय” नहीं है।

सभी कार्यक्रमों में प्रवीण जैन, विनोद जैन, शकुन जैन, रंजना जैन, सुकुमार जैन, सनत जैन, दीपक जैन, जय कुमार जैन, कैलाश जैन, भूपेंद्र चंदेरिय, विशाल जैन, प्रकाश रंजनी वासल, राकेश जैन, सुनीता जैन, आशा जैन, मंगला जैन, प्रमोद जैन, रेखा जैन, अरुण जैन, आशा जैन, दिनेश जैन, उषा जैन, सत्येन्द्र जैन, निधि जैन, पदम जैन, ममता जैन, सुनील जैन, नमिता जैन, शैलेष जैन, शालिनी जैन सहित समाज के लोग उपस्थित थे।

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