रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 17 सितंबर । आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के अंतर्गत 17 सितंबर को श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी में तप, त्याग, सम्मान और क्षमायाचना से जुड़े धार्मिक आयोजन भव्यता के साथ संपन्न हुए।
प. पू. कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी महोदया निपुणा श्रीजी म.सा. की विदुषी शिष्या प्रवचन प्रभाविका प. पू. मंजुलाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में दिनभर दादाबाड़ी में धार्मिक वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रीसंघ के श्रद्धालुओं ने आयोजन में शामिल होकर धर्मलाभ लिया।

तप आराधकों का निकला भव्य वरघोड़ा
सुबह 8 बजे तप आराधकों का वरघोड़ा निकाला गया। इसमें तपस्वियों के प्रति श्रद्धा और अनुमोदना का भाव दिखाई दिया। वरघोड़े के दौरान श्रद्धालुओं ने तप, त्याग और संयम की साधना करने वाले आराधकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। दादाबाड़ी परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा।

तपस्वियों का किया गया बहुमान
वरघोड़े के बाद सुबह 9 बजे तप आराधकों के बहुमान का आयोजन हुआ। तपस्वियों द्वारा की गई कठिन आराधना की अनुमोदना करते हुए श्रीसंघ की ओर से उनका सम्मान किया गया। लंबे समय तक संयम और धार्मिक नियमों का पालन करते हुए तप करने वाले आराधकों के लिए यह आयोजन विशेष रहा।

सामूहिक क्षमायाचना में मांगी एक-दूसरे से क्षमा
सुबह 10 बजे सामूहिक क्षमायाचना का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने आपसी मनमुटाव, जाने-अनजाने हुई भूल और बैर को पीछे छोड़ते हुए एक-दूसरे से क्षमा मांगी। पर्युषण महापर्व और संवत्सरी की भावना को आगे बढ़ाते हुए क्षमा, मैत्री और आत्मचिंतन का संदेश दिया गया।
सामूहिक क्षमायाचना के बाद साधार्मिक वात्सल्य का आयोजन हुआ। इसका लाभ श्री उपहारजी-पूजाजी, सानवी एवं मौलिक चोपड़ा परिवार, श्री उपहार कार्ड्स, एमजी रोड रायपुर द्वारा लिया गया। श्रीसंघ के श्रद्धालुओं ने इसमें सहभागिता कर धर्मलाभ लिया।

अब 18 सितंबर को सम्मेद शिखर तप आराधकों का पारणा
17 सितंबर के धार्मिक आयोजनों के बाद चातुर्मास के अंतर्गत तप आराधना का अगला महत्वपूर्ण आयोजन 18 सितंबर को होगा। शुक्रवार को सुबह 9 बजे श्री जिनकुशल सूरी हॉल, दादाबाड़ी में सम्मेद शिखर तप आराधकों का पारणा आयोजित किया जाएगा। लंबे समय से तप आराधना कर रहे तपस्वियों के लिए यह विशेष अवसर रहेगा। कार्यक्रम का लाभ श्री उपहारजी-पूजाजी, सानवी एवं मौलिक चोपड़ा परिवार द्वारा लिया जाएगा।
तप, त्याग और क्षमा की आराधना से जुड़ा रहा चातुर्मास
चातुर्मास के दौरान विभिन्न तप आराधनाओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। 16 सितंबर को 111 सम्मेद शिखर तप आराधकों के तेला पूर्ण होने के बाद पारणा हुआ था। इसी दिन अक्षयनिधि, समवसरण, कषायविजय और मोक्ष तप के करीब 550 तपस्वियों का भी सामूहिक पारणा हुआ। इसके बाद 17 सितंबर को तप आराधकों का वरघोड़ा, बहुमान और सामूहिक क्षमायाचना संपन्न हुई।

आयोजन प. पू. निपुणाश्रीजी म.सा. की विदुषी शिष्या प्रवचन प्रभाविका प. पू. मंजुलाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में संपन्न हो रहे हैं। श्रीसंघ के श्रद्धालु इन धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनकर तप, संयम, क्षमा और आत्मकल्याण की भावना को आगे बढ़ा रहे हैं।

