रायपुर (अमर छत्तीसगढ़) 24 सितंबर ।
समयोपदेश वर्षायोग 2026 के अंतर्गत श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड, रायपुर में दशलक्षण पर्यूषण महापर्व के पावन अवसर पर धर्म की अविरल गंगा बह रही है। परम पूज्य मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज, परम पूज्य मुनि श्री 108 पुनीत सागर जी महाराज एवं पूज्य ऐलक ससंघ के पावन सान्निध्य में 24 सितम्बर को उत्तम आकिंचन धर्म अत्यंत भक्तिभाव, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रात:काल से ही जिनालय में जिनेन्द्र प्रभु के अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन-अर्चन के विविध धार्मिक अनुष्ठान सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुए।
स्वर्ण कलश अभिषेक एवं शांतिधारा से गुंजायमान हुआ जिनालय। 24 सितम्बर को उत्तम आकिंचन धर्म के शुभ अवसर पर जिनेन्द्र देव का प्रथम चार इन्द्रों के रूप में स्वर्ण कलशों से अभिषेक करने का परम सौभाग्य निम्नलिखित पुण्यात्मा परिवारों को प्राप्त हुआ:

- श्री विशाल जैन, श्रीमती भावना जैन, युवान जैन, कुंजल जैन
- श्री सनत गंगवाल, श्री सुमित गंगवाल, श्री श्लोक गंगवाल
- श्री अनुराग जैन, श्रीमती हिना जैन (शंकर नगर, रायपुर)
- श्री धर्मचंद जी गंगवाल, श्रीमती ऊषा गंगवाल (रायपुर)
विश्व शांति, सर्वजन कल्याण एवं रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति हेतु चमत्कारिक शांतिधारा करने का सौभाग्य श्री राजेंद्र कुमार जैन, श्रीमती सुनीता जैन, राशि जैन, ऋषि जैन, मनांश जैन, हृदयांश जैन, प्राची जैन, मेघा जैन, जियांशी जैन, वैरागी जैन एवं अक्षत जैन को प्राप्त हुआ। मूलनायक भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा त्रिकाल चौबीसी में भगवान विराजमान करने वाले श्री शरद कुमार जी जैन एवं श्री शिशिर जैन (टैगोर नगर, रायपुर) द्वारा भक्तिभावपूर्वक संपन्न की गई।
पूज्य मुनि ससंघ को नवधा भक्तिपूर्वक आहारदान
दोपहर में परम पूज्य मुनि ससंघ को नवधा भक्ति से विशुद्ध आहार कराने का महान पुण्यार्जन निम्नलिखित पुण्यशाली परिवारों को प्राप्त हुआ:
- परम पूज्य मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज: श्रीमती सरिता (बेबी दीदी) जैन (निज निवास – गणेश रामनगर)
- परम पूज्य मुनि श्री 108 पुनीत सागर जी महाराज: श्री राकेश कुमार रोहित कुमार जैन (सत्कार होटल गली, स्टेशन रोड)
- परम पूज्य ऐलक श्री धैर्य सागर जी महाराज: श्रीमती पुष्पादेवी बंशीलाल जैन (जैन बाड़ा)
- परम पूज्य ऐलक श्री स्वागत सागर जी महाराज: ब्रह्मचारिणी रोशनी दीदी, शौर्य दीदी – बाबूलाल टॉकीज परिवार (मंदिर जी कार्यालय के सामने)
पूज्य मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज की मंगल प्रवचन देशना
धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज ने उत्तम आकिंचन धर्म के आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए फरमाया कि इस पृथ्वी पर कोई तन से दुखी है तो कोई मन से दुखी है, वास्तव में इस संसार में पूरी तरह सुखी कोई नहीं है। इस जगत् में सच्चा सुखी केवल श्रमण (दिगंबर मुनि) होता है, क्योंकि उनकी अपनी कोई निजी चाहत नहीं होती। आकिंचन धर्म हमें यही सिखाता है कि जीवन में इच्छाओं और चाहतों को सीमित करो, क्योंकि अनियंत्रित चाहत ही समस्त दुखों की मूल जड़ है।
प्रवचन के दौरान मुनि श्री ने सती शिरोमणि सीता माता के त्यागमय जीवन का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि सीता जी का त्याग अत्यंत महान था। जब श्री राम को वनवास मिला, तब उन्होंने अपने पति से कोई शिकायत नहीं की और न ही अयोध्या का राज्य मांगा, अपितु निष्काम भाव से अपने पति के साथ वन चली गईं। उनके इसी अतुलनीय त्याग और निष्ठा के कारण ही समाज में सर्वदा ‘सीता-राम’ कहकर उनके नाम को प्राथमिकता दी जाती है।
मुनि श्री ने आगे फरमाया कि राग रूपी आग निरंतर जलती रहती है और मनुष्य को भीतर से अशांत करती है। इस संसार में शरीर और संबंध नश्वर हैं, जिन्हें हमने जन्म दिया और बड़ा किया, वे भी अंततः हमारे अपने नहीं रहते। जो भव्य जीव संसार के प्रति राग को कम करके वैराग्य की ओर बढ़ता है, वही सच्चा सुख प्राप्त करता है।
मुनि श्री ने स्पष्ट किया कि बाह्य वस्तुओं और शरीर के प्रति अत्यधिक मोह-ममता पाप का बंध कराती है। इसलिए तन को बाह्य आभूषणों से सजाने के बजाय संयम, तपस्या और आत्म-साधना से सुसज्जित करना चाहिए। जीवन को राग के साथ नहीं, अपितु वैराग्य और आत्म-लीनता के साथ जीना ही उत्तम आकिंचन धर्म का वास्तविक सार है।
आगामी धार्मिक आयोजनों का विस्तृत विवरण
समयोपदेश वर्षायोग समिति एवं सकल दिगंबर जैन समाज रायपुर द्वारा आयोजित आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा इस प्रकार है:
1. दिनांक 25 सितम्बर 2026 (शुक्रवार): उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म एवं वासुपूज्य भगवान मोक्ष कल्याणक
- प्रातः 07:00 बजे: श्री जी की भव्य विमान यात्रा (प्रभातफेरी)
- प्रातः 07:30 बजे: प्रथम चार इन्द्रों द्वारा अभिषेक, शांतिधारा, दशलक्षण-निर्वाण पूजन, निर्वाण लाडू समर्पण, पुष्पमाला एवं आरती (समस्त कार्य बोलियों द्वारा)
- प्रातः 08:00 बजे: पूज्य मुनि श्री आगम सागर जी महाराज की मंगल देशना एवं प्रवचन
- प्रातः 09:30 बजे: नवधा भक्तिपूर्वक पूज्य मुनि ससंघ की विशुद्ध आहारचर्या
2. दिनांक 26 सितम्बर 2026 (शनिवार): व्रतियों का सम्मान एवं पारणा
- प्रातः 06:30 बजे: जिनेन्द्र देव का अभिषेक
- प्रातः 07:30 बजे: दशलक्षण पर्व के व्रतियों एवं तपस्वियों का भव्य सम्मान
- प्रातः 08:00 बजे: व्रतियों का निष्ठापन एवं पारणा
- प्रातः 09:00 बजे: पूज्य मुनि श्री आगम सागर जी महाराज का मंगल प्रवचन
- प्रातः 10:00 बजे: पूज्य मुनि ससंघ की आहारचर्या
- दिनांक 27 सितम्बर 2026 (रविवार): सकल दिगम्बर जैन समाज क्षमावाणी पर्व
- प्रातः 07:00 बजे: जिनेन्द्र अभिषेक, नित्यमह पूजन एवं क्षमावाणी पूजन
- दोपहर 01:00 बजे: परम पूज्य आचार्य श्री का पूजन
- तत्पश्चात: सकल दिगम्बर जैन समाज का भव्य क्षमावाणी कार्यक्रम (पारस्परिक क्षमापना एवं वात्सल्य मिलन समारोह)
सकल दिगंबर जैन समाज रायपुर, समयोपदेश वर्षायोग समिति 2026 तथा श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड के पदाधिकारियों ने समस्त धर्मानुरागी बंधुओं से इन सभी पावन कार्यक्रमों में सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ अर्जित करने का भावभीना आमंत्रण दिया है।

