रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 27 फरवरी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को तीसरा दिन है। इस बीच ध्यानाकर्षण काल में लंबित राजस्व प्रकरणों का मामला सदन में गूंजा। विधायक अजय चंद्राकर, उमेश पटेल ने ध्यानाकर्षण के जरिए मुद्दा उठाया है। जिस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को उन्होंने मामले में घेरा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- भुईंया पोर्टल भी लगता है कि किसानों को परेशान करने के लिए बनाया गया है।
35 फीसदी डाटा की गलत एंट्री की है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि, भू अभिलेख में त्रुटि सुधार का अधिकार एसडीएम और तहसीलदार के पास है। पूर्व सरकार ने इसे एसडीएम तक सीमित कर दिया था। नए संशोधन में यह अधिकार अब तहसीलदार को भी दी गई है। कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन से अपनी जमीन संबंधित जानकारी देख सकता है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि, राज्य में 1 लाख 49 हजार 479 राजस्व प्रकरण लंबित है। जिस पर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि, लोक सेवा गारंटी अधिनियम का राजस्व विभाग पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने पूछा कि, क्या लोक सेवा अधिनियम का पालन नहीं करने पर कितने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जवाब में मंत्री वर्मा न कहा- बजट सत्र के बाद राजस्व पखवाड़ा चलेगा लंबित प्रकरणों की सुनवाई होगी।
अजय चंद्राकर ने पूछा कि, भुईया पोर्टल में होने वाली त्रुटि कौन सुधारता है। इस पर राजस्व मंत्री ने कहा कि, पोर्टल का संचालन एनआईसी करता है। त्रुटि सुधारने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त है। राजस्व प्रकरणों को लेकर शिविर का आयोजन किया गया था।