आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चाचातुर्मास-2026.. समय का सदुपयोग ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है : साध्वी मंजुलाश्रीजी

आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चाचातुर्मास-2026.. समय का सदुपयोग ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है : साध्वी मंजुलाश्रीजी

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 2 अगस्त । आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के अंतर्गत श्री जिनकुशलसूरि जैन दादाबाड़ी में पूज्य प्रवचन प्रभाविका साध्वी मंजुलाश्रीजी महाराज साहिबा ने अध्यात्मसार ग्रंथ पर प्रवचन देते हुए कहा कि समय सबसे अनमोल संपदा है। यह किसी के लिए रुकता नहीं, बल्कि निरंतर अपनी गति से आगे बढ़ता रहता है। इसलिए जीवन के प्रत्येक क्षण का सदुपयोग धर्म, साधना और आत्मकल्याण में करना चाहिए।

साध्वीश्री ने विवाह समारोह का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले के समय में अंतिम अतिथि के जाने तक उसका सम्मान उसी आत्मीयता से किया जाता था, जैसा आगमन के समय किया जाता था। आज परिस्थितियां बदल गई हैं। विवाह संपन्न होने और विदाई के बाद लोगों का व्यवहार भी बदल जाता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन में मोबाइल ने पारिवारिक संवाद को भी प्रभावित किया है। आज एक ही घर में बैठे लोग आपस में बातचीत करने के बजाय अपने-अपने मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। यह समय के दुरुपयोग का संकेत है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य को पलभर का समय भी व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। यदि समय का सदुपयोग करना है तो प्रभु भक्ति, स्वाध्याय, धर्मचिंतन और आत्मसाधना से बेहतर कोई मार्ग नहीं है।

संस्कारम शिविर में बच्चों और युवाओं को दिए गए जैन संस्कृति के संस्कार

चातुर्मास के अंतर्गत दादाबाड़ी परिसर में आयोजित संस्कारम शिविर में बच्चों एवं युवाओं को जैन संस्कृति, जीवन मूल्यों और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। शिविर में परमात्म भक्ति, जैन दर्शन की मूलभूत जानकारी, जैनिज्म कोर्स, प्रैक्टिकल पूजा प्रशिक्षण, मंत्र एवं स्तुति, दैनिक धार्मिक अभ्यास, प्रेरणादायक एवं शिक्षाप्रद गतिविधियां, भजन, स्वास्थ्य एवं समूह गतिविधियां तथा विचार एवं ज्ञान प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

सम्मेत शिखर महातीर्थ की प्रतिकृति के दर्शन प्रतिदिन सुबह 9 से रात 8 बजे तक

श्री जिनकुशलसूरि जैन दादाबाड़ी स्थित सम्मेत शिखर महातीर्थ की प्रतिकृति श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से रात्रि 8 बजे तक खुली रहेगी। श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट एवं आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 समिति ने समाज के सभी श्रद्धालुओं से दादाबाड़ी पहुंचकर पवित्र प्रतिकृति के दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।

श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार भंसाली, आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 समिति के अध्यक्ष बसंत लोढ़ा, महासचिव मुकेश निमाणी एवं कोषाध्यक्ष चिंतन मालू ने बताया कि प्रतिकृति के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने सभी समाजजनों से परिवार सहित दादाबाड़ी पहुंचकर इस पावन अवसर का लाभ लेने का आग्रह किया।

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