रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 11 जुलाई। समता परिसर रायपुर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए शासन दीपिका साध्वी श्री मंजुला श्री जी ने कहा
आज से चातुर्मास का प्रथम दिवस है। सावन का आज प्रथम दिवस हमारे बीच उपस्थित हुआ है। हमें अरिहंत परमात्मा की जिनवाणी को इस पांचवें आरे में सुनने का एवं आराधना करने का अवसर मिला है।
जीवन जीने के लिए हमें शरीर को हष्ट-पुष्ट बनाना पड़ता है इस तरह अरिहंत परमात्मा कहते हैं चातुर्मास के महीना में दान, शील, तप, भावना आदि से जुड़कर अपनी आत्मा को संतृप्त कर सकते हैं।
श्री साधुमार्गी जैन संघ के आचार्य श्री रामलाल जी म.सा. के एक इसारे पर रायपुर संघ ने सैकड़ो सामयिक एवं लगभग 55 तेले, उपवास एकासना आदि की तपस्या में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
पूज्य चरित्र आत्माओं ने बताया सुबह का समय प्रार्थना एवं धर्म ध्यान का रहता है इसमें इसको हमें व्यर्थ की चीजों में नहीं गवांना चाहिए
दुकान ऑफिस एवं घर के कार्यों में लगने से पूर्व हमें परमात्मा का स्मरण अवश्य करना चाहिए इससे अपनी आत्मा का कल्याण होता है।
जिस घर में बहु बच्चे एवं बेटे पोते, अपने बड़े बुजुर्गों को प्रवचन में जाने की प्रेरणा करते हैं वह घर सौभाग्यशाली होता है एवं जो प्रवचन में आने की धर्म दलाली करता है वह भी पुण्यशाली होता है,
जो सदस्य फालतू की निंदा चर्चा क्रोध आदि में रत रहते हैं वह अनंत पाप कर्मों का बंद करता हैं और अपने जीवन को गलत दिशा में ले जाते हैं
हमें चिंतन करना है मैं कौन हूं यह हमें कोई भी यूनिवर्सिटी नहीं सिखा सकती यह हमारी आत्मा ही पहचान कर सकती है कि मैं कौन हूं और यह तब संभव होगा जब हम भीतर में जाने की कोशिश करेंगे तब हमें एहसास होगा कि मेरी आत्मा कितनी शक्तिशाली है
यह ज्ञान हमें किताबों में नहीं मिलेगा,
पूज्य चरित्र आत्माओं का निरंतर प्रवचन प्रातः 8:30 बजे से 9:30 तक चलता है।
श्रद्धालु जनता लाभ ले रही है
तपस्या में भी चल रही है
श्री विजय जी संचेती के आज 9: उपवास सुश्री सेजल जी आछा के आज 5 उपवास
श्रीमती मंजूषा जी बरलोटा के 5 उपवास का पारणा, श्रीमती चेतना जी सुराणा के 5 उपवास का पारणा संपन्न हुआ है
आगे भी तपस्या है निरंतर चलती रहेगी
यह सारी जानकारी श्री साधुमार्गी जैन संघ के सदस्य श्री अशोक जी सुराणा ने प्रदान की है।

