राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 20 जुलाई ।. देश-धरती में अतिलोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आह्वान्वित ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ पर्यावरण संरक्षण-संवर्धन अभिनव योजना का पूरजोर समर्थन करते हुए पर्यावरण विज्ञ विचारचिंतक डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने समसामयिक परिप्रेक्ष्य में अतिरिक्त जनआह्वान संदेश जारी करते हुए कहा कि अत्यंत आवश्यक हो गया है कि प्रत्येक जन-जन एक नहीं, तीन पेड़ सर्वप्रथम-माँ के नाम से, द्वितीय – भारत माँ के नाम से एवं तृतीय – धरती माँ के नाम से अपने-अपने, घर-आँगन, खेत-खलिहान अथवा सार्वजनिक स्थलों, उद्यानों-बगीचों में प्रत्येक वर्ष लगाये। तभी हम पृथ्वी पर चतुर्दिक गहराते जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संकट से निपट सकेंगे।
हमारी भारतीय सनातन संस्कृति परंपरा में सदा-सर्वदा से पेड़-पौधों-वृक्षों को देवतुल्य माना गया है। विशेषकर फलदार वृक्ष तो साक्षात देव स्वरूप होते है।
फलदार वृक्ष अपने एक जीवनकाल में मानव को लाखों रूपये के नि:शुल्क अनुदान स्वरूप भोजन-वस्त्र के उत्पादों सहित सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्राण-वायु को सतत् रूप से प्रदान करते रहते हैं। साथ ही साथ सहज-सरल रूप में प्रमुख पर्यातत्वों-जल, मिट्टी, वायु, ताप तथा दाब को भी संतुलित रखते हुए प्रकृति चक्रों को जीवंत रखते हैं।
यह उल्लेखनीय रूप से प्रमाणित सत्य है कि वन-वृक्ष नहीं तो वर्षा भी नहीं। और वर्षा नहीं तो सुजलां सुफलां धरती भी नहीं होगी। इसीलिए तीन-तीन वृक्षों का रोपण संरक्षण-संवर्धन प्रत्येक जन-जन को मन-प्राण से संकल्पित होकर करना ही चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी जी के नारे ‘‘एक पेड़ माँ के नाम‘‘ को संपूर्ण मानव सभ्यता की रक्षा का श्रेष्ठ-सरल सूत्र-संकेत मानकर और अपनी ओर से रचनात्मक सोच के साथ एक नहीं तीन-तीन पेड़ लगाने के लिए प्रतिवर्ष वर्षाकाल में परम पावन पहल करना चाहिए।
हमारे देश-धरती में एक प्राचीन कहावत प्रचलित रही हैं ‘‘सर साठे रूख रहे तो भी सस्ती जाण‘‘ अर्थात सिर कटवाकर भी वृक्षों की रक्षा हो सके तो इसे फायदे का सौदा ही समझिए।
राजस्थान जोधपुर के गांव खेजकला गांव में वृक्षों की रक्षा में ग्रामवासियों का आत्मसोत्सर्ग / आत्मबलिदान अनुष्ठान विश्वभर में पर्यावरण प्रेम /रक्षा का सर्वाधिक अनूठा, अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।
हमारी इस गौरवमयी विरासत से आज की युवा-किशोर-प्रबुद्ध पीढ़ी को प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक वर्ष कम से कम तीन पेड़ अवश्य लगाने चाहिए।
यही हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नारे एक पेड़ माँ के नाम का माँ, भारत माँ एवं धरती माँ के प्रति मूल कर्तव्य – दायित्व का श्रेष्ठ-श्रेयष्कर निर्वहन संकल्प होगा।

