श्री सीमेंट के पूर्व दिग्गजों का ब्यावर में स्नेहमिलन, सब एक साथ बोले हम महज सहकर्मी नहीं, एक परिवार थे

श्री सीमेंट के पूर्व दिग्गजों का ब्यावर में स्नेहमिलन, सब एक साथ बोले हम महज सहकर्मी नहीं, एक परिवार थे

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 11 अगस्त। रविवार के छूटी के दिन अजमेर रोड़ दादीधाम के सामने स्थित होटल गीता ग्रांड का आंगन देश की नामी सीमेंट कंपनी श्री सीमेंट के पूर्व दिग्गजों से सराबोर हो गया।
श्री के पूर्व दिग्गजों का यादगार साक्षी बनकर मेजबानी की गीता ग्रांड ने…
श्री के पूर्व 08 वरिष्ठ एवम सेवा समर्पित अधिकारियो के स्नेह मिलन में विगत 04 दशक से कंपनी में सहकर्मी के तौर पर कार्य कर सेवा निवृत होने वाले यारो ने अपनी पुरानी यादों को ताजा कर अपने अपने अनुभवों को साझा किया।

आत्मीयता के भावों से परिपूर्ण एक विशेष आयोजन में गीता ग्रांट होटल ने श्री सीमेंट के पूर्व वरिष्ठ सहयोगियों के एक यादगार पुनर्मिलन की मेज़बानी की।
अटूट रिश्तों का जश्न व उत्सव मनाने को आतुर दिखे सेवा समर्पित अधिकारी…
श्री सीमेंट के विकास में कभी मिल के पत्थर बने इन अधिकारियों ने अपने जीवन के लगभग 35 से 40 महत्वपूर्ण वर्ष संस्था की सेवा में समर्पित किए। सभी साझा सेवाओं से उपजे अटूट रिश्तों का उत्सव मनाने के लिए एक साथ एक मंच पर नजर आए। श्री सीमेंट के इन पूर्व 08 दिग्गजों ने एक दूसरे के सुख दुःख,खट्टे मीठे रिश्तों एवम पुरानी यादों एवम अनुभवों को ताजा कर खूब अभिभूत,पुलकित एवम प्रफुल्लित दिखाई दिए।
श्री के संकट मोचक रहे श्याम जी की अगुवाई में हुआ अदभुद जलसा…
श्री सीमेंट के संकटमोचक रहे श्री श्याम जी की अगुवाई आयोजित स्नेह मिलन के इस अदभुद उत्सव के श्री सीमेंट प्रबंधन में उच्च पद पर आरूढ़ राहुल मोहनोत, डी.के. बजाज, एन.एल.शर्मा, एन.सी. जैन, एम.एम. शर्मा, बी.एल.गांदोरिया, एस.के.शर्मा व श्याम सुंदर शर्मा साक्षी बने।


मोहनोत साहब की उपस्थिति सबको नई स्फूर्ति नई दिशा दे गई…
श्री के जाने माने सेवा समर्पित उच्च अधिकारी राहुल मोहनोत की उपस्थिति सबको नया मार्ग के साथ नई शक्ति,नई स्फूर्ति,नई दिशा,नई उमंग दे गया।जिनका कार्यकाल उत्कृष्ट योगदान और सहकर्मियों पर गहरा प्रभाव छोड़ने वाला रहा, आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा।
उत्सव के दौरान जीवंत वार्तालाप से जीवट हुए श्री के पूर्व शेर..
इस अदभुद उत्सव का वातावरण जीवंत वार्तालाप एवं हंसी-खुशी के फव्वारों से भर गया। सभी ने अपने आने अनुभवों का परस्पर आदान -प्रदान किया तो सबको ये अहसास हुआ कि हम सभी फिर से उस दौर में पहुंच गए हैं।जब श्री सीमेंट सिर्फ एक कार्यस्थल नहीं बल्कि एक घनिष्ठ परिवार था। चर्चाओं में कठिन चुनौतियों को पार करने की कहानियों से लेकर उन महत्वपूर्ण उपलब्धियों तक का भी ज़िक्र हुआ।

जिन्होंने कंपनी की पहचान को नित नया आयाम एवम आकार दिया। हर प्रसंग, हल्के-फुल्के हास्य के साथ, उनके सामूहिक सफर की दृढ़ता, एकता और पारस्परिक सम्मान का प्रमाण था।


हम सहकर्मी नहीं एक परिवार थे..
स्मृतियों के साथ-साथ, प्रतिभागियों ने अपने कार्यकाल के दौरान श्री सीमेंट के परिवर्तनकारी विकास पर भी चर्चा भी की,जिसका श्रेय दूरदर्शी नेतृत्व, अथक परिश्रम और एकजुटता की संस्कृति को दिया गया।सभी ने एक स्वर में भावुक होकर कहा, “हम सिर्फ सहकर्मी नहीं, एक परिवार थे।”


आयोजन बार बार हो के साथ हंसते हंसते विदा ली..
पुनर्मिलन का समापन भविष्य की ओर देखते हुए हुआ, जहां अनौपचारिक सहमति बनी कि ऐसे आयोजन बार-बार किए जाएं, ताकि दोस्ती, साझा उपलब्धियों और आपसी सम्मान की यह विरासत सिर्फ अतीत की कहानी न रहकर एक जीवंत परंपरा बनी रहे।

(प्रकाश जैन /अमित मेहता)

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