आदिवासी विकास विभाग में गड़बड़ी पर एक्शन : 2 पूर्व सहायक आयुक्त गिरफ्तार, क्लर्क फरार, DMF माध से निकाले 45 फर्जी टेंडर

आदिवासी विकास विभाग में गड़बड़ी पर एक्शन : 2 पूर्व सहायक आयुक्त गिरफ्तार, क्लर्क फरार, DMF माध से निकाले 45 फर्जी टेंडर

दंतेवाड़ा(अमर छत्तीसगढ) 25 अगस्त। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आदिवासी विकास विभाग के 2 पूर्व सहायक आयुक्तों डॉ. आनंदजी सिंह और के.एस. मसराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि दोनों ने क्लर्क संजय कोडोपी से साथ मिलकर फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार कर 45 फर्जी टेंडर निकलवाए और DMF फंड में करोड़ों का घोटाला किया है।

मामले की शिकायत मिलने पर दंतेवाड़ा पुलिस ने आज दोनों को रायपुर और जगदलपुर में दबिश देकर पकड़ा और दंतेवाड़ा कोर्ट में पेश किया है। साथ ही इस मामले में सस्पेंडेड क्लर्क की तलाश में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 5 सदस्यीय जांच बनाकर आदिम जाति विभाग में बीते 5 साल में DMF मद से कराए गए कार्यों की जांच कराई। जांच के दौरान मद से कराए गए करोड़ों के कार्यों के 45 टेंडर (निविदा प्रक्रिया) में बड़ी गड़बड़ी पाई गई।

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद क्लर्क कोडोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया और दोनों पूर्व सहायक आयुक्तों समेत क्लर्क के खिलाफ पुलिस में लिखित आवेदन दने के निर्देश दिए थे। वहीं वर्तमान आयुक्त द्वारा बीते दिन लिखित शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की गैर जमानती 6 धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।

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