दुर्ग(अमर छत्तीसगढ) 7 सितंबर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने सरकारी नौकरी का लालच देकर 70 लाख रुपए की ठगी करने वाले ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शातिरों ने अंजोरा स्थित सरकारी वेटनरी कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर में बुलाकर 12 लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। मामले में अंजोरा पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनका साथी अब भी फरार है।
मिली जानकारी के अनुसार, बालोद जिले के ग्राम चीरचार निवासी संतराम देशमुख (54 वर्ष) ने 2 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी भेषराम देशमुख (62 वर्ष), उसका बेटा रविकांत देशमुख (32 वर्ष) और साथी अरुण मेश्राम (राजनांदगांव निवासी) ने उन्हें मंत्रालय में नौकरी दिलाने का वादा किया।
इस बहाने उनसे 5 लाख रुपये नगद ले लिए गए, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही कोई नियुक्ति पत्र। पुलिस ने जांच के बाद 6 सितंबर को भेषराम देशमुख और रविकांत देशमुख को दुर्ग बस स्टैंड से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने अरुण मेश्राम के साथ मिलकर करीब 70 लाख रुपये की ठगी की है। इसमें से पिता-पुत्र ने अपने हिस्से के लगभग 20 लाख रुपये लिए, जिनमें से 12 लाख रुपये से ग्राम कुथरेल में प्लॉट खरीदा गया था। बाकी रकम खर्च कर दी गई।
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने 12 लाख रुपये में खरीदे गए प्लॉट की रजिस्ट्री, बैंक पासबुक और डायरी जब्त की है। वहीं तीसरा आरोपी अरुण मेश्राम अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

