रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 1 अक्टूबर। सीबीआई ने बिरनपुर हिंसा को लेकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। जिसके बाद एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव पर इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
पीसीसी दीपक बैज ने कहा कि, बिरनपुर मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल जार्च शीट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि दो पक्षों के बीच आपसी झगड़ा था, जो बढ़ते-बढ़ते सांप्रदायिक रूप ले लिया। इसमें कोई राजनीतिक हाथ नहीं था। लेकिन उस समय बीजेपी ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए कांग्रेस पर झूठा आरोप था।
बीजेपी ने जानबूझकर इसे राजनीतिक रूप दिया। श्री बैज ने आगे कहा कि उस समय के तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव घटना स्थल गए थे।
उन्होंने इस घटना से फायदा लेने के लिए लोगों के बीच जाकर आग उगलने का, आग लगाने का काम किया। इस घटना से संबंधित व्यक्ति को चुनाव में टिकट देकर लाभ लिया। वोट बैंक का ध्रुवीकरण किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि, ईश्वर साहू ने जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया, उसका नाम सीबीआई चार्ज शीट में नहीं है। अगर थोड़ी बहुत मानवीयता है, तो अरुण साव को इस्तीफा दे देना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
सेंट्रल के तमाम नेताओं ने गलत तरीका से लोगों के बीच घटना को प्रस्तुत कर कांग्रेस को बदनाम किया। ये उदाहरण है कि वोट की राजनीति के लिए बीजेपी किसी भी हद तक जा सकती है।

