गरियाबंद(अमर छत्तीसगढ) 12 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के उदंती-सीता अभयारण्य में ओडिशा से जुड़े तस्कर लंबे समय से ‘पुष्पा-स्टाइल’ में सागौन की तस्करी कर रहे थे। वे नदी के बहाव का फायदा उठाकर लकड़ियों को बहा देते थे। जिन्हें आगे जाकर सिंदूरशील और सुनाबेड़ा घाट पर निकाल लिया जाता था। लेकिन इस बार वन विभाग की सजगता से उनका यह नया तरीका भी नाकाम हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, अभयारण्य के उपनिदेशक वरुण जैन को कुछ दिन पहले सूचना मिली थी कि दक्षिण उदंती इलाके में तस्कर नदी के रास्ते सागौन लकड़ी भेज रहे हैं। इस पर विभाग ने गुप्त रणनीति बनाते हुए इलाके में घेराबंदी की।
जब तस्करों ने टीम को आता देखा तो वे मौके से भाग निकले, लेकिन विभाग के कर्मियों ने साहस दिखाते हुए नदी में छलांग लगाकर सागौन के लठ्ठों को बरामद कर लिया।

बताया गया है कि तस्कर चार-चार लठ्ठों को जोड़कर नदी में बहाते थे। ताकि वे बहाव के साथ ओडिशा सीमा तक पहुंच जाएं। वन विभाग की टीम ने इस तरकीब को विफल कर तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि मौके से कई सागौन लठ्ठे जब्त किए गए हैं और तस्करों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सभी आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं. उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

