श्री अभा नानक प्राज्ञ संघ ब्यावर की विशेष बैठक संपन्न, दो वर्ष हेतु संघ प्रमुखों का चयन… संपत राज नाहटा को अध्यक्ष व अन्नराज तातेड को महामंत्री की कमान सौंपी गई

श्री अभा नानक प्राज्ञ संघ ब्यावर की विशेष बैठक संपन्न, दो वर्ष हेतु संघ प्रमुखों का चयन… संपत राज नाहटा को अध्यक्ष व अन्नराज तातेड को महामंत्री की कमान सौंपी गई

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 25 दिसम्बर।
(आशीष जैन)
श्री अखिल भारतवर्धीय नानक प्राज्ञ संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानचंद ललवानी मुंबई एवम राष्ट्रीय महामंत्री अशोक श्रीश्रीमाल जयपुर के विशेष दिशा निर्देश पर ब्यावर में संघ की विशेष बैठक संघ के वरिष्ठ श्रावक सुंदर लाल नाहर की अध्यक्षता में कुंदन नगर के डी जैन इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित हुई।


श्री नानक प्राज्ञ संघ ब्यावर की इस विशेष बैठक का आगाज ब्यावर में प्रवास कर रहे संघ के संत प्रवर धैर्य मुनि,धीरज मुनि के दर्शन वंदन से एवम सामूहिक नवकार महामंत्र के उद्घोषों से हुआ।


संघ के सेवा समर्पित वरिष्ठ सदस्य नेमीचंद कोठारी ने वीर स्तुति कर मंगलाचरण किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय नेतृत्व की अनुपालना करते हुए ब्यावर नानक प्राज्ञ संघ के संघ प्रमुखों एवम कार्यसमिति का सर्वानुमति से चयन किया गया।


संघ से जुड़े दुलीचंद मकाणा ने बताया कि नेमीचंद कोठारी व सुंदरलाल नाहर संरक्षक, संपतराज नाहटा अध्यक्ष, सुरेंद्र बाफना व गुमान श्रीश्री माल उपाध्यक्ष, अन्नराज तातेड महामंत्री,सुयश तातेड मंत्री,दीपचंद नाहटा कोषाध्यक्ष,मीडिया प्रभारी प्रकाश जैन,भवन संयोजक भागचंद बोहरा को सर्वसनुमति से चयन कर स्वागत किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष श्री नाहटा ने कार्य समिति में गौतम चंद श्रीश्रीमाल, राकेश चपलोत
बाबूलाल रांका,माणक चंद बोहरा, गणपतलाल नाहटा, रिखबचंद नाहटा, गौतम बोहरा,राजेंद्र कावड़िया, सुनील जैन(भानु सा) धर्नेंद्र डोसी एवं माणक तातेड को लेकर उन्हें संघ उन्नयन एवम विकास में जुट जाने का आव्हान किया।


इस मौके पर संस्था सदस्यो एवम नए पदाधिकारियों ने सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रम के साथ साथ मानवता के कल्याणार्थ सेवा एवम रचनात्मक कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही संघ के व्यापक विस्तार हेतु युवाओं,महिलाओ एवं बालक बालिकाओं को संघ से जोड़कर पृथक पृथक रूप से महिला मंडल,यूवा संघ,बालक एवम बालिका मंडल का अतिशीघ्र गठन कर उन्हे कार्य भार सौंपे जाने का निर्णय किया गया।


निष्काम भावों से की गई सेवा सच्ची सेवा =धैर्य मुनि
बैठक के बाद सभी संघ प्रमुख,नए पदाधिकारी एवं कार्य समिति सदस्य संत मंडल में गुरु सेवा हेतु पहुंचें। एवम दोनो संतो को तिखूतो के पाठ से विधिवत वंदना कर आशीर्वचन लिया। संत प्रवर धैर्य मुनि ने इस मौके पर कहां कि महान पुण्य वाणी के चलते संघ का पद मिलता है आप सभी इस पद की गरिमा बनाए रखते सब को साथ में लेते हुए हुए संघ को नए आयामों की और गतिशील करने में अपनी शक्ति का सम्यक उपयोग करे। निस्वार्थ भावों से सेवा करने का लक्ष्य रखे। निष्काम भावो से की गई सेवा ही सच्ची सेवा है।
प्रकाश जैन वरिष्ठ पत्रकार
आशीष जैन फोटो जर्नलिस्ट।
जयपुर ब्यावर

Chhattisgarh